जमशेदपुर : विक्रम शर्मा का नाम शहर की कई चर्चित घटनाओं से जुड़ता रहा है। बीते दो दशकों में कई बड़ी वारदातों में उसका नाम सामने आया—
18 सितंबर 1998 : कीनन स्टेडियम के पास ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या।
2 नवंबर 2007 : साकची आमबागान के पास श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या।
15 मार्च 2008 : साकची में रवि चौरसिया पर फायरिंग।
16 मई 2008 : श्रीलेदर्स मालिक आशीष डे के घर पर फायरिंग।
17 अगस्त 2008 : बर्मामाइंस में सत्येंद्र सिंह के ससुराल में फायरिंग।
28 अगस्त 2008 : ठेकेदार रंजीत सिंह पर हमला।
17 सितंबर 2008 : एमजीएम के सामने बंदी परमजीत सिंह पर फायरिंग।
4 अक्टूबर 2008 : टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या।
हालांकि कई मामलों में विक्रम शर्मा अदालत से बरी हो चुका था, लेकिन अपराध की दुनिया में उसका नाम हमेशा सुर्खियों में रहा। अब उसी आपराधिक सफर का अंत देहरादून की सरेआम गोलीबारी में हुआ।
