जमशेदपुर : मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता Neeraj Singh ने प्रेस वार्ता कर झारखंड के पूर्व मंत्री Banna Gupta पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम चुनाव को विकास का मंच नहीं, बल्कि “मेयर पति बनने की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा” का माध्यम बनाया जा रहा है।
नीरज सिंह ने कहा कि मंत्री पद पर रहते हुए असफल रहे बन्ना गुप्ता अब अपनी पत्नी को आगे कर मानगो नगर निगम को “रिमोट कंट्रोल” से चलाना चाहते हैं। उन्होंने इसे विकास नहीं, बल्कि सत्ता की भूख करार दिया।
मंत्री के कार्यकाल पर सवाल…….
नीरज सिंह ने आरोप लगाया कि मंत्री रहते हुए मानगो को अपेक्षित विकास नहीं मिला। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नियमित पेयजल संकट, नाली-सफाई की बदहाल स्थिति, खराब सड़कें और जल निकासी की समस्या बनी रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही सड़क का दो बार निर्माण हुआ और वह फिर ध्वस्त हो गई, जिससे कार्य गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं। “मंत्री पद की पूरी ताकत होने के बावजूद मानगो को कुछ नहीं मिला, और आज बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं,” उन्होंने कहा।
स्वास्थ्य विभाग में अनियमितताओं का आरोप……
नीरज सिंह ने स्वास्थ्य विभाग में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कोविड काल में प्रोत्साहन राशि वितरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री ने स्वयं और अपने नजदीकी कर्मियों के नाम प्रोत्साहन राशि के लिए भेजे, जिस पर जांच एजेंसियों ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जिस मॉडल पर विभाग चला, उसी मॉडल को नगर निगम में लागू करने की तैयारी है।”
नियुक्तियों और प्रशासनिक फैसलों पर सवाल…….
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मंत्री कार्यकाल में नियमों को दरकिनार कर चहेते लोगों की नियुक्तियां की गईं, जिन्हें बाद में निरस्त करना पड़ा। उन्होंने इसे प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताया।
नैतिकता और सार्वजनिक जीवन की गरिमा का मुद्दा…..
नीरज सिंह ने पूर्व मंत्री से जुड़े एक वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि यह निजी जीवन का नहीं, बल्कि सार्वजनिक पद की गरिमा और नैतिक विश्वसनीयता का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी, लेकिन अब तक जांच परिणाम सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विवादों से घिरी छवि वाला व्यक्ति पर्दे के पीछे से नगर निगम संचालन का नैतिक अधिकार रखता है?
“मानगो प्रयोगशाला नहीं”……
नीरज सिंह ने कहा कि मानगो नगर निगम का बजट और दायरा बड़ा है। यदि यह गलत हाथों में गया तो भ्रष्टाचार बढ़ेगा और विकास रुकेगा। “मानगो कोई प्रयोगशाला नहीं है, जहां असफल मंत्री अपने नए सत्ता प्रयोग करें,” उन्होंने कहा।
जनता से सीधे सवाल…….
उन्होंने जनता से तीन सवाल पूछे— क्या मंत्री रहते मानगो का समुचित विकास हुआ?, क्या पानी, सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधरी?, क्या नगर निगम को पारिवारिक ‘रिमोट कंट्रोल’ से चलाया जाना चाहिए? “अगर जवाब ‘नहीं’ है, तो फैसला भी ‘नहीं’ होना चाहिए,” उन्होंने कहा।
नीरज सिंह ने कहा कि एनडीए समर्थित प्रत्याशी Sandhya Singh मानगो नगर निगम को भ्रष्टाचार-मुक्त, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देंगी।
उन्होंने कहा, “मानगो को विवाद नहीं, विकास चाहिए; वंशवाद नहीं, विश्वसनीय नेतृत्व चाहिए।” मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब देखना होगा कि जनता किसके दावों पर भरोसा करती है।
