जमशेदपुर। होली के त्योहार से पूर्व मानगो नगर निगम क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न वार्डों में प्रत्याशियों द्वारा जनसंपर्क अभियान, पदयात्राएं, नुक्कड़ सभाएं और रोड शो आयोजित किए जा रहे हैं। बाजार क्षेत्र बैनर-पोस्टर से सजे हुए हैं और सार्वजनिक स्थलों पर चुनावी भाषणों की गूंज सुनाई दे रही है। चुनावी मंचों से सुरक्षा, स्वच्छता, सड़क निर्माण, जल निकासी, पेयजल आपूर्ति तथा रोजगार जैसे मुद्दों पर बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई समस्याएं लंबे समय से जस की तस बनी हुई हैं।
जमीनी स्थिति पर सवाल
कई वार्डों में नालियों की सफाई नियमित नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ स्थानों पर सड़कों की स्थिति जर्जर बताई जा रही है, जबकि स्ट्रीट लाइट व्यवस्था भी पूर्णतः सुचारु नहीं है। कचरा उठाव की अनियमितता को लेकर भी लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रत्येक चुनाव में विकास के दावे किए जाते हैं, किंतु समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं देती।
जनता की अपेक्षाएं
मतदाताओं का मानना है कि चुनावी घोषणाओं से अधिक आवश्यक है कि मूलभूत सुविधाओं पर ठोस कार्य हो। जल निकासी, ट्रैफिक व्यवस्था, अतिक्रमण नियंत्रण, महिला सुरक्षा तथा युवाओं के लिए रोजगार और खेल सुविधाएं प्रमुख मुद्दों के रूप में उभर कर सामने आ रहे हैं।
वादों और विश्वास की परीक्षा
प्रत्याशी जहां परिवर्तन और विकास का भरोसा दिला रहे हैं, वहीं मतदाता कार्यान्वयन की स्पष्ट रूपरेखा जानना चाहते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस बार चुनाव में केवल प्रचार नहीं, बल्कि जमीनी कार्यों का आकलन भी अहम भूमिका निभा सकता है। होली के बाद चुनावी सरगर्मी और तेज होने की संभावना है। अब देखना होगा कि मतदाता प्रचार अभियानों से प्रभावित होते हैं या स्थानीय समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए अपना निर्णय सुनाते हैं। आगामी परिणाम यह तय करेंगे कि अगले पांच वर्षों में मानगो नगर निगम क्षेत्र में विकास की दिशा क्या होगी।
