लोकतंत्र सवेरा | जमशेदपुर : देश को आज़ादी मिले करीब 75 वर्ष और झारखंड को अलग राज्य बने 25 वर्ष बीत जाने के बावजूद आज भी नगर निकाय चुनावों में नाली, पानी और स्ट्रीट लाइट जैसे बुनियादी मुद्दे प्रमुख बने हुए हैं। इसी क्रम में मानगो नगर निगम के वार्ड संख्या 13 से प्रत्याशी किरण कुमारी ने चुनावी सभाओं और जनसंपर्क अभियान के दौरान इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।

किरण कुमारी ने कहा कि वर्षों से नाली और पेयजल योजनाओं के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इन योजनाओं के लिए आवंटित धनराशि का सही उपयोग क्यों नहीं दिखता? “जब 75 वर्षों में भी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह बहाल नहीं हो सकीं, तो यह गंभीर चिंतन का विषय है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में योजनाओं की घोषणा तो हुई, पर क्रियान्वयन के नाम पर खानापूर्ति की गई। कई क्षेत्रों में नालियां जर्जर हैं, जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है और स्ट्रीट लाइट की समस्या बरकरार है। किरण कुमारी ने कहा कि यदि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई तो स्थिति में सुधार संभव नहीं है।

वार्ड 13 की प्रत्याशी ने यह भी कहा कि नगर निकाय चुनाव केवल पद प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का अवसर है। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसे प्रतिनिधि का चयन करें जो बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दे और योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी सुनिश्चित करे।

चुनावी माहौल के बीच उठ रहे ये सवाल स्थानीय प्रशासन और पूर्व जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर रहे हैं। अब देखना होगा कि इस बार नगर निकाय चुनाव के बाद क्या वास्तव में जमीनी बदलाव देखने को मिलता है या फिर ‘नाली-पानी’ का मुद्दा आगे भी चुनावी भाषणों तक सीमित रह जाता है।

