लोकतंत्र सवेरा | जमशेदपुर : मानगो नगर निगम चुनाव में अब महज पांच दिन शेष हैं, लेकिन सियासी तापमान अपने चरम पर पहुंच चुका है। टिकट बेचने के आरोप, “मकान मालिक बनाम किरायेदार” की सियासी तकरार, पति-पत्नी के वोटर आईडी पर सवाल और कीमती तोहफों के कथित लेन-देन जैसे मुद्दों ने चुनावी माहौल को विस्फोटक बना दिया है।
राडो घड़ी–फॉर्च्यूनर का ‘गिफ्ट’ विवाद, भाजपा में हलचल…….
वरिष्ठ भाजपाई Rajkumar Srivastava को नोटिस जारी होने के बाद राजनीतिक भूचाल आ गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्रदेश संगठन महामंत्री Karmveer Singh पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कीमती राडो घड़ी और टोयोटा फॉर्च्यूनर कार के कथित लेन-देन के बाद मेयर चुनाव की तस्वीर बदली गई. उनका आरोप है कि उनकी पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव को भाजपा समर्थित उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया, जबकि कथित “गिफ्ट” के बाद Neeraj Singh की पत्नी संध्या सिंह को समर्थन दे दिया गया। इस बयान ने सियासी गलियारों में सनसनी फैला दी है।
वोटर आईडी पर वार : ‘कौन मानगो का, कौन कदमा का?’…….
दूसरी ओर नीरज सिंह ने प्रेस वार्ता कर पूर्व मंत्री Banna Gupta पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी का वोटर आईडी मानगो का है, जबकि बन्ना गुप्ता का वोटर आईडी कदमा का है। नीरज सिंह ने तंज कसते हुए कहा, “हार की आशंका से बौखलाहट साफ दिख रही है। पत्नी को मेयर बनाकर मानगो पर राज करने की मंशा जनता समझ चुकी है।”
‘मकान मालिक बनाम किरायेदार’ की सियासी टक्कर…….
कांग्रेस से निष्कासन की खबर मिलते ही Jitendra Singh ने भी मोर्चा खोल दिया। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “मैं मकान मालिक हूँ, भाड़ेदार को मकान खाली कर जाना होगा।” उन्होंने इसे “बन्ना गुप्ता के विसर्जन का चुनाव” बताते हुए दावा किया कि हार के बाद उनकी राजनीतिक जमीन खिसक जाएगी। साथ ही यह भी कहा कि उनके पिता कांग्रेस में “गाय-बछड़ा” के दौर से जुड़े रहे हैं, इसलिए वे खुद को असली कांग्रेसी मानते हैं।
चुनावी अखाड़ा बना मानगो……
मानगो नगर निगम का चुनाव अब मुद्दों से ज्यादा आरोप-प्रत्यारोप और व्यक्तिगत हमलों का अखाड़ा बन चुका है। टिकट बेचने से लेकर रिश्तों और पहचान तक सवाल उठ रहे हैं। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, बयानबाजी और भी धारदार होती जा रही है। जनता अब देख रही है—कौन विकास की बात करता है और कौन सियासी वार से माहौल गरमाता है।
