ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से फर्जीवाड़े का चौंका देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक फैक्ट्री संचालक को कागजों में मृत घोषित कर उसकी करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश रची गई. आरोपी इतने शातिर थे कि उन्होंने फर्जी वसीयत से लेकर डेथ सर्टिफिकेट तक तैयार करा लिया. ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने हर किसी को चौंका दिया. फरियादी प्रेम कुमार, जो पहले ग्वालियर के गांधी नगर क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहते थे, वर्तमान में हरियाणा में रह रहे थे।


जब उन्हें अपनी संपत्ति को लेकर गड़बड़ी की जानकारी मिली तो वे तुरंत ग्वालियर पहुंचे. यहां आकर उन्होंने पुलिस को बताया कि वे जीवित हैं, लेकिन कागजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है. प्रेम कुमार एक फैक्ट्री संचालक हैं, जिनकी ‘यूनिवर्सल ऑटो’ नाम से फैक्ट्री औद्योगिक क्षेत्र बिरला नगर में संचालित थी. वे ऑटो पार्ट्स सप्लाई करते थे. उनकी पारिवारिक स्थिति भी सामान्य है. उनकी एक बेटी लंदन और दूसरी गुरुग्राम में रहती है।
दरअसल, प्रेम कुमार का एक प्लॉट ट्रांसपोर्ट नगर न्यू लोहा मंडी क्षेत्र में स्थित है, जिसकी वर्तमान कीमत करीब 62 लाख 10 हजार रुपये बताई जा रही है. इसी प्लॉट के लालच में आरोपियों ने पूरी साजिश रची. आरोप है कि सुभाषचंद्र खुशीरमानी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले प्रेम कुमार की फर्जी वसीयत तैयार कराई. इस वसीयत को नोटरी के जरिए प्रमाणित भी कराया गया. हैरानी की बात यह है कि वसीयत में प्रेम कुमार की फोटो लगाकर उसे अटेस्ट भी करा लिया गया।
इसके बाद आरोपियों ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए प्रेम कुमार का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया. इस आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्लॉट का बैनामा करा लिया गया. जब प्रेम कुमार विश्वविद्यालय थाने पहुंचे और पुलिस को बताया कि वे जिंदा हैं. उनके साथ धोखाधड़ी हुई है. प्रेम कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी संपत्ति हड़पने के इरादे से उन्हें कागजों में मृत दिखाया गया और पूरी योजना के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुभाषचंद्र खुशीरमानी, शकुंतला खुशीरमानी, हरीश कुमार, जगदीश कुशवाह और योगेश पाल सहित कुल छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. CSP रोबिन जैन के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस सभी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है. पुलिस दस्तावेज तैयार करने से लेकर नोटरी और अन्य प्रक्रियाओं में शामिल लोगों की भी जांच कर रही है।
