RANCHI : झारखंड में अप्रैल महीने से नए लेबर कोड लागू किए जाएंगे। यह जानकारी राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण में दी गई है। सरकार का कहना है कि इन नए कानूनों से मजदूरों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति को बेहतर बनाया जाएगा। व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थिति संहिता के तहत खतरनाक उद्योगों में काम करने वाले 40 वर्ष से अधिक उम्र के मजदूरों के लिए सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा मजदूरों का सालाना हेल्थ चेकअप भी जरूरी होगा ताकि बीमारियों का समय पर पता चल सके और इलाज संभव हो सके।

आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि नए लेबर कोड को सही तरीके से लागू करने के लिए सरकार को जल्द से जल्द इसके नियम अधिसूचित करने होंगे। इसके साथ ही एक यूनिफाइड डिजिटल कंप्लायंस पोर्टल बनाने की जरूरत बताई गई है जिससे नियोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए सभी प्रक्रियाएं आसान और पारदर्शी बन सकें। रिपोर्ट में यह सिफारिश भी की गई है कि दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि श्रमिकों को नए कानूनों की सही जानकारी मिल सके। इसका उद्देश्य यह है कि लेबर सुधारों का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे।
हालांकि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि ये नए नियम केवल कागजों तक सीमित न रहें बल्कि इन्हें जमीनी स्तर पर भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से झारखंड की अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत और समावेशी बनाया जा सकेगा।
