पटना : बिहार में अग्निशमन विभाग के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुनील नायक को अरेस्ट कर लिया गया है। आंध्र प्रदेश की पुलिस ने पटना आकर आईजी को अरेस्ट किया है। आंध्र प्रदेश की पुलिस टीम ने IG सुनील नायक को अरेस्ट करने के लिए उनके घर पर दबिश दी थी।

बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला साल 2021 में सुनील नायक के आंध्र प्रदेश में तैनाती के दौरान से जुड़ा हुआ है। उस वक्त उन्होंने पूर्व सांसद को गिरफ्तार किया था। पूर्व सांसद को प्रताड़ित करने का आरोप आईपीएस अधिकारी सुनील नायक पर लगा था। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर उनपर केस दर्ज किया गया था। अब आंध्र प्रदेश की पुलिस इसी मामले में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पटना के चिड़ियाघर के पास स्थित उनके आवास पर पहुंची थी। पटना के सिटी एसपी भी मौक पर मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने के लिए आई है।
वर्ष 2021 में गुंटूर जिला के नगर पोलम पुलिस में वाईएसआरसीपी के सांसद के रघुराम कृष्णा राजू ने तत्कालीन CID के डीआईजी एम सुनील नायक के खिलाफ हिरासत में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। इसके बाद प्रशासम पुलिस लगातार एम सुनील नायक को अपना स्टेटमेंट रिकॉर्ड करने के लिए बुला रही थी लेकिन वो नहीं जा रहे थे। दरअसल वर्ष 2019 में एम सुनील नायक आंध्र की प्रतिनियुक्ति पर गए थे। वो 3 वर्ष तक वहां प्रतिनियुक्ति पर रहे। वर्ष 2024 में तेलुगु देशम पार्टी की सरकार बनने के बाद वापस बिहार लौट आए। फिलहाल प्रकासम जिला की पुलिस ने एम सुनील नायक को अरेस्ट कर लिया है। ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने की तैयारी चल रही है। फायर आईजी सुनील नायक के आवास को अग्निशमन कर्मियों ने घेर लिया है।
आंध्रप्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष की कथित हत्या प्रयास और हिरासत प्रताड़ना केस में बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी सुनील नायक के ठिकाने पर आंध्र प्रदेश पुलिस की छापेमारी से सनसनी फैल गई। वर्ष 2025 में प्रकाशम जिले के एसपी और जांच अधिकारी ने नायक को पूछताछ के लिए नोटिस भी जारी किया था। नायक 2019 में प्रतिनियुक्ति पर आंध्र गए थे और 2023 में अपने मूल कैडर बिहार लौट आए थे। वे इस समय डीआईजी (अग्निशमन सेवा) के पद पर तैनात हैं। गिरफ्तारी के वक्त पटना में आईजी आवास के बाहर बड़ी संख्या में फायर सर्विस के जवान भी मौजूद आए।
