जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम एक बार फिर सुर्खियों में है—और वजह है एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना। शुक्रवार अहले सुबह अस्पताल की चौथी मंजिल से एक मरीज ने छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।

मां की आंखों के सामने मौत का खौफनाक मंजर……
मृतक की पहचान परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडीह निवासी अरशद आलम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अरशद पिछले 4-5 दिनों से गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती था। घटना के वक्त उसकी मां उसके साथ मौजूद थी। मां ने रोकने की हरसंभव कोशिश की… लेकिन अरशद ने एक पल में सब कुछ खत्म कर दिया और चौथी मंजिल से छलांग लगा दी।
सुबह की खामोशी में मौत, कोई नहीं कर पाया रोकने की कोशिश……
देर रात से सुबह के बीच का समय… अस्पताल में सन्नाटा… और इसी बीच यह खौफनाक कदम उठा लिया गया। किसी को भनक तक नहीं लगी—और जब तक लोग समझ पाते, बहुत देर हो चुकी थी।
पुलिस जांच में जुटी, उठने लगे बड़े सवाल……
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। हर एंगल से मामले की छानबीन की जा रही है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल…..
👉 आखिर अस्पताल की चौथी मंजिल तक इस तरह की घटना कैसे हो गई?
👉 सुरक्षा गार्ड, निगरानी व्यवस्था कहां थी?
👉 क्या पहले की घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया गया?
लोगों में गुस्सा—“कब जागेगा प्रशासन?”……
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि एमजीएम अस्पताल में यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी कई बार मरीज या अन्य लोग ऊपरी मंजिल से कूदने की कोशिश कर चुके हैं।
फिर भी…
❌ न कोई सख्त निगरानी
❌ न सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
❌ न ही कोई ठोस सुधार
सवाल सीधा है… जवाब किसके पास?…..
बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं क्या सिर्फ एक ‘खबर’ बनकर रह जाएंगी?
या इस बार प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन कोई ठोस कदम उठाएगा?
👉 फिलहाल, एक और जान चली गई…
👉 और पीछे छोड़ गई कई बड़े सवाल…
अब देखना होगा—क्या एमजीएम अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था बदलेगी, या फिर अगली घटना का इंतजार किया जाएगा?
