जमशेदपुर/चांडिल : चांडिल प्रखंड अंतर्गत नारायण आईटीआई, लुपुंगडीह में शहीद दिवस के अवसर पर सोमवार को एक गरिमामय एवं भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

इस अवसर पर संस्थान के प्रतिनिधि डॉ. जटाशंकर पांडे ने कहा कि अमर शहीदों के बलिदान को देश कभी भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी असंख्य वीर सपूतों के त्याग और संघर्ष का परिणाम है।
उन्होंने शहीद भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर के जीवन और बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि इन क्रांतिकारियों ने अपने अदम्य साहस और देशभक्ति से स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि भगत सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका और “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा देकर युवाओं में नई चेतना जगाई। वहीं, राजगुरु ने अपने साहस और निर्भीकता से ब्रिटिश शासन को चुनौती दी, जबकि सुखदेव थापर ने क्रांतिकारी गतिविधियों में अहम भूमिका निभाई।
डॉ. पांडे ने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों का जीवन हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, कविता एवं भाषण प्रस्तुत कर शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया।
अंत में उपस्थित सभी लोगों ने शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने तथा उनके बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर एडवोकेट निखिल कुमार, शांति राम महतो, प्रकाश महतो, देवाशीष मंडल, कुलभूषण मंडल, पवन महतो, कृष्णा पद महतो, शिशुमती समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
