जमशेदपुर : श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन, आदित्यपुर, जमशेदपुर में दिनांक 25 मार्च 2026 को “21वीं सदी के कक्षा-कक्ष के लिए नवाचारी शिक्षण रणनीतियाँ” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का सफल आयोजन बहुउद्देशीय हॉल में किया गया। इस कार्यक्रम में सभी शिक्षक एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही, जिससे यह एक अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव बना। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डा मौसुमी महतो के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने वर्तमान समय में आधुनिक एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. जूही समर्पिता, प्राचार्य, डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन तथा डॉ. अर्पित सुमन, सहायक प्राध्यापक, महिला कॉलेज, चाईबासा उपस्थित रहे। डॉ. जूही समर्पिता ने अपने संबोधन में कहा कि कक्षा-कक्ष ही वह स्थान है जहाँ देश के भविष्य का निर्माण होता है। उन्होंने बताया कि शिक्षक केवल पढ़ाने वाला नहीं होता, बल्कि वह छात्रों के साथ आत्मसात होकर उन्हें समझने और मार्गदर्शन करने वाला होता है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षण अब पर्याप्त नहीं है तथा “नवाचार” का अर्थ है शिक्षण में नए और रचनात्मक तरीकों का प्रयोग करना।
डॉ. अर्पित सुमन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सीखना कभी भी उबाऊ नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे रोचक और सहभागितापूर्ण बनाना आवश्यक है, जिससे विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कक्षा को अधिक प्रभावी एवं छात्र-केंद्रित बनाने के लिए अनेक व्यावहारिक सुझाव भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का समापन बिनय सिंह द्वारा सारांश प्रस्तुत करने के साथ हुआ , कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती रचना रश्मि द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक जयश्री सिंह द्वारा किया गया।
