रांची/जमशेदपुर : झारखंड सरकार ने पुलिस महकमे में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करने की तैयारी शुरू कर दी है। गृह विभाग ने राज्य के 19 इंस्पेक्टरों को डीएसपी (DSP) पद पर प्रोन्नत करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए पुलिस मुख्यालय से पत्राचार शुरू हो चुका है, जिससे विभाग के अनुभवी अधिकारियों में पदोन्नति की उम्मीद जगी है।

रिक्तियों का गणित
आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में डीएसपी के कुल 391 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में इनमें से केवल 327 पदों पर ही अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 64 पद खाली पड़े हैं। इन्हीं खाली पदों को भरने के क्रम में फिलहाल 19 पदों पर प्रमोशन के जरिए नियुक्ति की योजना है।
प्रमोशन मिला पर पद नहीं: 58 अधिकारी अब भी ‘इंस्पेक्टर’
एक तरफ नई पदोन्नति की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ सिस्टम की सुस्ती पर सवाल भी उठ रहे हैं। विभाग में एक अजीबोगरीब स्थिति बनी हुई है:
- 9 महीने का इंतजार: करीब 58 नवप्रोन्नत डीएसपी पिछले 9 महीनों से प्रमोशन मिलने के बावजूद बिना पोस्टिंग के ‘इंस्पेक्टर’ के रूप में ही काम कर रहे हैं।
- डेढ़ साल से रुकी पोस्टिंग: जेपीएससी (JPSC) के जरिए चयनित 39 डीएसपी भी पिछले डेढ़ साल से अपनी पहली पोस्टिंग की राह देख रहे हैं।
असंतोष और सिस्टम पर सवाल
अधिकारियों के बीच इस देरी को लेकर भारी असंतोष है। एक ओर पुलिस बल में अधिकारियों की कमी बताई जाती है, वहीं दूसरी ओर योग्य और चयनित अधिकारी महीनों से मुख्यालय और वेटिंग लिस्ट के चक्कर काट रहे हैं। सरकार का दावा है कि पदस्थापन (Posting) की प्रक्रिया जारी है, लेकिन जमीनी हकीकत पुलिसिंग और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
