पटना : भीषण लू और 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचे तापमान से जूझ रहे बिहार को मौसम ने राहत तो दी, लेकिन यह राहत भारी तबाही लेकर आई। बुधवार रात से शुरू हुए प्री-मानसून तूफान, आंधी और बारिश के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई. मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में वायुमंडलीय अस्थिरता बनी हुई है। इसके चलते 3 मई तक राज्य के 33 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश तथा 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।



इन जिलों में सबसे ज्यादा असर…..
तूफान और वज्रपात से मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, दरभंगा, बेगूसराय समेत पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, हाजीपुर और छपरा जिलों में जनहानि की घटनाएं सामने आई हैं। अधिकांश मौतें पेड़ गिरने, बिजली के खंभे उखड़ने और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हुई हैं।
प्रमुख घटनाएं……
बेगूसराय में नवनिर्मित दीवार गिरने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि औरंगाबाद में शादी समारोह के दौरान वज्रपात से दूल्हे के चाचा की जान चली गई। हाजीपुर और मुजफ्फरपुर में पेड़ गिरने की घटनाओं में बुजुर्गों और बच्चों की मौत की खबर है।
फसलों और ढांचे को नुकसान….
तूफान और ओलावृष्टि ने कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। आम और लीची की तैयार फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। वहीं सैकड़ों बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त होने से कई जिलों में 20 से 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ और कुछ रेलखंडों पर ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा।
तापमान में गिरावट, लेकिन खतरा कायम……
आंधी-बारिश के बाद पटना सहित अधिकांश जिलों में तापमान गिरकर 33-35 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ गया है। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक खराब मौसम की स्थिति बनी रह सकती है। लोगों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
