जमशेदपुर : बिरसानगर स्थित आस्था ट्विन सिटी में रहने वाले करीब 700 परिवार बिल्डर की कथित लापरवाही और मनमानी से त्रस्त हैं। शनिवार को नाराज फ्लैट वासी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की। निवासियों का आरोप है कि फ्लैट खरीदते समय बिल्डर सुंदर सिंह एवं कौशल सिंह द्वारा जुस्को से पानी सप्लाई दिलाने के नाम पर प्रति परिवार ₹36,000 की राशि ली गई थी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद अब तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बजाय मोहरदा क्षेत्र का गंदा और दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिसमें कीड़े तक पाए जाते हैं। पानी की मात्रा भी पर्याप्त नहीं मिलती।



बिजली और मेंटेनेंस को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फ्लैट वासियों का कहना है कि हर माह समय पर शुल्क वसूला जाता है, लेकिन बिजली कटते ही जनरेटर सेवा ठप हो जाती है। कभी डीजल खत्म होने तो कभी मशीन खराब होने का हवाला दिया जाता है। इसके चलते कई बार लोग लिफ्ट में फंस जाते हैं, जबकि बुजुर्गों को अंधेरे में सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है।
लिफ्ट की खराब स्थिति और समय पर मरम्मत नहीं होने से समस्या और गंभीर हो गई है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि तीन-तीन फ्लैट पर मात्र एक सिक्योरिटी गार्ड तैनात है, जिसे पर्याप्त जानकारी भी नहीं है और वह अधिकतर समय पार्किंग में ही बैठा रहता है. निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी जमीन पर गेट लगाकर परिसर को घेरने की कोशिश की गई है, लेकिन बाउंड्री वॉल तक नहीं बनाई गई है, जिससे सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है. फ्लैट वासियों का कहना है कि कई बार बिल्डर से संपर्क कर समस्याओं के समाधान की मांग की गई, लेकिन फ्लैट बेचने के बाद उन्होंने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब थक-हारकर लोगों ने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है. निवासियों ने स्पष्ट कहा है कि जब उनसे पूरी मेंटेनेंस राशि ली जा रही है, तो मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। शुद्ध पेयजल, नियमित बिजली बैकअप और सुरक्षित आवास उनका अधिकार है। आस्था ट्विन सिटी में बढ़ते आक्रोश के बीच लोग अब जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई और राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
