लोकतंत्र सवेरा/जमशेदपुर : हजारीबाग में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari के समर्थकों द्वारा पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इसी के विरोध में शनिवार को जमशेदपुर में प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। शहर के बड़ी संख्या में पत्रकारों और मीडिया कर्मियों ने एकजुट होकर इस घटना के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया।



प्रदर्शनकारियों ने रैली निकालते हुए उपायुक्त कार्यालय तक मार्च किया और राज्य सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। पत्रकारों की मांग साफ थी—स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी इस घटना को लेकर तत्काल सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। प्रेस क्लब के अध्यक्ष Manoj Singh ने दो टूक कहा कि “पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं, उनके साथ इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि जब पत्रकार मंत्री से सवाल पूछने पहुंचे, तो उनके समर्थकों ने अभद्रता की हद पार करते हुए मारपीट तक की।
उन्होंने इसे केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरी पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार बताया. प्रदर्शन के दौरान यह भी सवाल उठा कि घटना के बाद अब तक राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की ओर से कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इसको लेकर पत्रकारों में भारी नाराजगी देखी गई।
प्रेस क्लब ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई और मंत्री ने माफी नहीं मांगी, तो यह विरोध जमशेदपुर तक सीमित नहीं रहेगा—बल्कि पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन छेड़ा जाएगा. इस मौके पर प्रेस क्लब के महामंत्री विनय पूर्ति, कोषाध्यक्ष अजय महतो समेत विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े कई पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।
अंत में पत्रकारों ने स्पष्ट संदेश दिया— “अगर कलम को दबाने की कोशिश हुई, तो सड़क से सदन तक संघर्ष और तेज होगा।”
