चाईबासा/सारंडा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन प्रभाग से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए बिछाए गए शक्तिशाली आईईडी (IED) की चपेट में आने से एक विशालकाय दंतैल हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना के बाद वन विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
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मुख्य बिंदु:
- विस्फोट की तीव्रता: सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट इतना भयानक था कि हाथी के पैर और शरीर के निचले हिस्से में गहरे जख्म हुए हैं। घायल हाथी दर्द से कराहते हुए जंगल में ही एक स्थान पर ठहरा हुआ है।
- सुरक्षा बलों के लिए था जाल: सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नक्सलियों ने सर्च ऑपरेशन पर निकलने वाले जवानों को नुकसान पहुँचाने के लिए यह लैंडमाइन बिछाया था, लेकिन बेजुबान जानवर इसका शिकार हो गया।
- वन विभाग की रेस्क्यू टीम रवाना: घटना की जानकारी मिलते ही चाईबासा और सारंडा वन प्रभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। पशु चिकित्सकों की एक विशेष टीम को दवाइयों और आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर भेजा गया है।
- ड्रोन से निगरानी: घना जंगल और संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण वन विभाग ड्रोन कैमरे के जरिए हाथी की स्थिति पर नजर रख रहा है, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से उपचार दिया जा सके।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
इस घटना ने सारंडा के सीमावर्ती गांवों में दहशत पैदा कर दी है। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल के अंदरूनी हिस्सों में जाने से बचने की सख्त हिदायत दी है। सुरक्षा बल अब पूरे इलाके में एंटी-नक्सल सर्च ऑपरेशन के साथ-साथ डी-माइनिंग (बम निरोधक अभियान) पर जोर दे रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
