दिल्ली। एक बुरी खबर होर्मुज स्ट्रेट से है। मध्य-पूर्व के अहम समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन को झटका दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने इस पूरे ऑपरेशन को “ह्यूमैनिटेरियन एफर्ट” बताया है। उनका कहना है कि यह कदम सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा नहीं, बल्कि खाद्य और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई को बचाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने खास तौर पर भारत का जिक्र करते हुए कहा कि अरबों लोग खाना बनाने के लिए LPG पर निर्भर हैं, इसलिए सप्लाई बाधित होना गंभीर समस्या बन सकता है।



ब्लूमबर्ग ने अपनी खबर में बताया है कि भारत जैसे देश, जहां बड़ी आबादी खाना बनाने के लिए LPG पर निर्भर है, इस संकट से सीधे प्रभावित हो सकते हैं। अगर होर्मुज से सप्लाई बाधित होती है, तो गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। चीन पर आरोप लगाते हुए बेसेंट ने कहा कि चीन ईरान से भारी मात्रा में तेल खरीदकर उसे आर्थिक रूप से मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान “आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला सबसे बड़ा देश” है और चीन उसकी ऊर्जा खरीदकर उसे फंड कर रहा है। हालांकि, उन्होंने चीन से अपील भी की कि वह इस संकट को खत्म करने में सहयोग करे और ईरान पर दबाव बनाए।
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े 7 “फास्ट बोट्स” को मार गिराया है। उन्होंने यह भी कहा कि एक दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमला हुआ, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से इस मिशन में शामिल होने की अपील भी की है। अमेरिका का दावा है कि वह इस समुद्री रास्ते को फिर से खोल रहा है। कई तेल टैंकर जल्द ही इस रास्ते से गुजरने लगेंगे। साथ ही UAE और OPEC देशों के उत्पादन बढ़ाने से सप्लाई में सुधार आने की उम्मीद जताई गई है।
