RANCHI : रांची में ब्राउन शुगर की तस्करी का जाल अब केवल गलियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ‘पारिवारिक सिंडिकेट’ के रूप में तब्दील हो चुका है। पुलिस की हालिया कार्रवाईयों और खुलासों ने इस काले कारोबार के पीछे की एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने रखी है।



यहाँ इस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली के मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
1. पारिवारिक रिश्तों की आड़ में तस्करी
रांची पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि तस्करी के इस खेल में अब पूरे परिवार शामिल हो रहे हैं।
- सफेदपोश चेहरे: तस्करी के नेटवर्क में ‘भाभी जी’ और ‘मौसा जी’ जैसे कोडनेम या रिश्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि पुलिस को शक न हो।
- सुरक्षित ठिकाने: घरों का इस्तेमाल गोदाम के रूप में किया जा रहा है, जहाँ महिलाएं और बुजुर्ग भी इस नेटवर्क का हिस्सा बनकर माल को सुरक्षित रखने और सप्लाई करने में मदद करते हैं।
2. सप्लाई का तरीका और कोडनेम
तस्कर पकड़े जाने से बचने के लिए अत्याधुनिक और सुरक्षित तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं:
- सोशल मीडिया और ऐप्स: व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए लोकेशन शेयर की जाती है और बिना आमने-सामने आए ‘डेड ड्रॉप’ (किसी तय जगह पर माल छोड़ देना) तकनीक का उपयोग हो रहा है।
- छोटा नेटवर्क: ड्रग्स की पुड़िया (डोज) को युवाओं तक पहुँचाने के लिए छोटे-छोटे एजेंटों का जाल बिछाया गया है।
3. प्रमुख हॉटस्पॉट
रांची के कुछ इलाके इस नेटवर्क के केंद्र बन गए हैं:
- सुखदेव नगर और हिंदपीढ़ी: इन इलाकों में पुलिस ने कई बार छापेमारी कर भारी मात्रा में ब्राउन शुगर बरामद की है।
- शैक्षणिक संस्थानों के पास: तस्करों का मुख्य निशाना कॉलेज और हॉस्टल के युवा हैं, जिन्हें पहले इसकी लत लगाई जाती है और बाद में उन्हें ही करियर (सप्लायर) बना लिया जाता है।
4. पुलिस की कार्रवाई
झारखंड पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए ‘ऑपरेशन क्लीन’ जैसे अभियान तेज कर दिए हैं:
-
- संपत्ति की कुर्की: तस्करों द्वारा नशे की कमाई से बनाई गई संपत्तियों को भी अब प्रशासन के रडार पर लिया जा रहा है।
- इंटेलिजेंस नेटवर्क: स्थानीय मुखबिरों के जरिए पुलिस अब ‘बड़ी मछली’ यानी मुख्य सरगनाओं तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।
सावधानी की अपील: अगर आपको अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नशे के कारोबार की सूचना मिलती है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या डायल 112 पर सूचना दें। आपकी एक सतर्कता किसी का भविष्य बचा सकती है।
