जमशेदपुर : जमशेदपुर ट्रैफिक पुलिस एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला पोटका विधानसभा क्षेत्र के विधायक से जुड़ने के कारण चर्चा का विषय बन गया है। मामला एक शिक्षक और उनके बेटे के साथ ट्रैफिक जांच के दौरान कथित दुर्व्यवहार को लेकर सामने आया, जिसके बाद टाटानगर स्टेशन के समीप स्थित ट्रैफिक चेक पोस्ट पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।



जानकारी के अनुसार, पोटका क्षेत्र के एक शिक्षक अपने बेटे के साथ ड्यूटी पर जा रहे थे। इसी दौरान टाटानगर स्टेशन के पास ट्रैफिक पुलिस द्वारा हेलमेट जांच अभियान चलाया जा रहा था। जांच के क्रम में ट्रैफिक पुलिस ने शिक्षक के बेटे को रोक लिया और नियम उल्लंघन के आरोप में 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। बताया गया कि वाहन चालक के पास गाड़ी के सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे तथा हेलमेट भी पहना गया था, हालांकि वाहन के कागजात की मूल प्रति के बजाय फोटो कॉपी प्रस्तुत की गई थी।
इधर विधायक संजीव सरदार एक कार्यक्रम के सिलसिले में बागबेड़ा क्षेत्र में मौजूद थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने फोन पर ट्रैफिक पुलिस पदाधिकारियों से बात कर मामले को देखने तथा युवक को छोड़ने का आग्रह किया। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने विधायक से कहा कि इस मामले में डीएसपी स्तर के अधिकारी से बात करनी होगी।
इसके बाद विधायक अपने समर्थकों और सहयोगियों के साथ सीधे टाटानगर ट्रैफिक चेक पोस्ट पहुंच गए। मौके पर उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई। इस दौरान वहां काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि ट्रैफिक जांच के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि एक जनप्रतिनिधि की बात को भी ट्रैफिक पुलिस नजरअंदाज कर रही है, तो आम जनता के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया जाता होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को जनता के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की सलाह दी।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा होती रही। कई लोगों ने आरोप लगाया कि शहर में ट्रैफिक जांच अभियान के दौरान नियम पालन के नाम पर कई बार सख्ती और अभद्र व्यवहार किया जाता है।
हालांकि मामले को लेकर ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके, इस घटना ने एक बार फिर जमशेदपुर ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



