जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय में आज उस वक्त स्थिति भावुक और आक्रोशपूर्ण हो गई, जब पिछले 10 से 15 वर्षों से विभिन्न एसबीआई (SBI) एटीएम में अपनी सेवाएं दे रहे दर्जनों सुरक्षाकर्मियों ने जिला उपायुक्त (DC) से मिलकर अपनी रोजी-रोटी बचाने की गुहार लगाई। सुरक्षाकर्मियों का आरोप है कि नई सुरक्षा एजेंसी ‘CISS’ ने कार्यभार संभालते ही बिना किसी पूर्व सूचना या वैध कारण के पुराने कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिससे उनके परिवारों के सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।



कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर दी सेवा, अब मिला यह सिला
उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में सुरक्षाकर्मियों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उन्होंने कोरोना जैसी भयानक महामारी के दौरान भी अपनी जान की परवाह न करते हुए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से ड्यूटी की थी। लेकिन 1 मई 2026 को जैसे ही नई सुरक्षा एजेंसी ‘CISS’ ने पूर्ववर्ती कंपनी ‘WWSO’ से कार्यभार अपने हाथ में लिया, वैसे ही पुराने और अनुभवी गार्डों को हटाकर नए लोगों की बहाली शुरू कर दी गई। अचानक नौकरी चले जाने से कई परिवारों के चूल्हे बुझने की कगार पर पहुंच गए हैं।
स्थानीय दबंगों पर गाली-गलौज और घर से उठाने की धमकी का आरोप
सुरक्षाकर्मियों ने अपनी शिकायत में सुरक्षा एजेंसी के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर हो रही गुंडागर्दी का भी जिक्र किया है। पीड़ित गार्डों का आरोप है कि जब वे अपनी ड्यूटी की मांग करने जाते हैं, तो CISS कंपनी के स्थानीय समर्थक सोमनाथ सिंह द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्हें जातिसूचक शब्द, गाली-गलौज, मारपीट और यहां तक कि घर से उठवा लेने की धमकियां दी जा रही हैं। सुरक्षाकर्मियों ने दावा किया है कि उनके पास इस बदसलूकी और धमकी की पुख्ता ‘कॉल रिकॉर्डिंग’ भी मौजूद है, जिसे वे प्रशासन को सौंपने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी CISS कंपनी प्रबंधन की होगी।
सुरक्षाकर्मियों ने प्रशासन से की दो मुख्य मांगें:
पीड़ित सुरक्षाकर्मियों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन के समक्ष अपनी दो प्रमुख मांगें रखी हैं:
- पुनः कार्य पर बहाली: जमशेदपुर क्षेत्र के सभी पुराने सुरक्षाकर्मियों को उनके पदों पर तत्काल वापस रखा जाए।
- दोषियों पर कानूनी कार्रवाई: ड्यूटी मांगने पर गाली-गलौज करने और घर से उठाने की धमकी देने वाले स्थानीय समर्थकों व कंपनी के जिम्मेदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि उन्हें जिला प्रशासन और न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं और उनके परिवारों को न्याय नहीं मिला, तो वे अपने हक के लिए उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। इस मौके पर भारी संख्या में पीड़ित सुरक्षाकर्मी और उनके समर्थक मौजूद थे।



