- झारखण्ड के माननीय राज्यपाल संतोष गंगवार होंगे मुख्य अतिथि; स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार विजय कुमार भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
जमशेदपुर : चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में देश की पहली और अनूठी ‘निजी-निजी भागीदारी’ (प्राइवेट-प्राइवेट पार्टनरशिप) की मिसाल पेश करने वाला मनिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC), जमशेदपुर आगामी 1 जून 2026 को अपना पहला दीक्षांत समारोह मनाने जा रहा है। मनिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE) — जो कि एक उत्कृष्ट संस्थान (Deemed-to-be-University) है — की घटक इकाई के रूप में कार्यरत MTMC का यह आयोजन न केवल इस संस्थान बल्कि पूरे पूर्वी भारत की स्वास्थ्य सेवा शिक्षा के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।



बारीडीह स्थित MTMC परिसर में 1 जून को सुबह 11:30 बजे से शुरू होने वाले इस भव्य समारोह में कॉलेज के पहले MBBS बैच (शैक्षणिक सत्र 2020-21) के कुल 133 युवा चिकित्सकों को उनकी मेडिकल डिग्री प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही ये युवा डॉक्टर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में देश और समाज की सेवा के लिए अपने पेशेवर सफर की शुरुआत करेंगे।
इस ऐतिहासिक अवसर पर झारखण्ड के माननीय राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और दीक्षांत भाषण देंगे। उनके साथ झारखण्ड सरकार के माननीय स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री इरफान अंसारी और भारत सरकार के गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार श्री विजय कुमार भी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। इस उत्सव में MAHE और टाटा स्टील का शीर्ष नेतृत्व, MTMC गवर्निंग काउंसिल के सदस्य, शिक्षक, स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञ और विद्यार्थियों के अभिभावक भी मौजूद रहेंगे।
एक साझा सोच और उद्देश्य से जन्मी भागीदारी
साल 2020 में MAHE और टाटा स्टील के बीच हुए एक अनूठे समझौते के तहत स्थापित MTMC, देश में अपनी तरह का पहला ऐसा मेडिकल कॉलेज है जो दो निजी दिग्गजों की साझेदारी से बना है। इसकी शुरुआत सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों तक उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के एक साझा विज़न के साथ हुई थी। आज यह संस्थान बहुत कम समय में चिकित्सा, स्वास्थ्य विज्ञान (हेल्थ साइंसेज) और पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर चुका है, जहाँ वर्तमान में मेडिकल, एलाइड हेल्थ साइंसेज और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों को मिलाकर 1,286 से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
नेतृत्व के विचार
संस्थान की इस बड़ी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए MTMC के डीन, ब्रिगेडियर (डॉ.) एच. सी. बंधु ने कहा:
“हमारे पहले MBBS बैच का पास-आउट होना पूरे संस्थान के लिए बेहद भावुक और गौरवशाली क्षण है। इन छात्रों की सफलता हमारी मजबूत शिक्षा प्रणाली, शिक्षकों के समर्पण और MAHE-टाटा स्टील की दूरदर्शी साझेदारी का परिणाम है। हमें पूरा विश्वास है कि ये नए डॉक्टर जहाँ भी जाएंगे, योग्यता, करुणा और सेवा के हमारे मूल्यों को हमेशा बनाए रखेंगे।”
MEMG (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) के ग्रुप प्रेसिडेंट श्री सोभनथ दास ने इस साझेदारी की सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“MTMC एक मिसाल है कि जब दो मजबूत इरादों वाली संस्थाएं एक साथ आती हैं, तो क्या हासिल किया जा सकता है। MAHE की शैक्षणिक उत्कृष्टता और टाटा स्टील की सामाजिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता ने मिलकर एक ऐसा संस्थान खड़ा किया है, जो समाज की ज़रूरतों को पूरा करता है। पहला बैच स्नातक होना इस बात का जीवंत प्रमाण है कि साझा प्रतिबद्धता से देश की मानव पूंजी और स्वास्थ्य सेवाओं में कितना बड़ा सुधार लाया जा सकता है।”
टाटा स्टील (कॉर्पोरेट सर्विसेज) के वाइस प्रेसिडेंट श्री डी. बी. सुंदर रामम ने संस्थान के विज़न को रेखांकित करते हुए कहा:
“MTMC की परिकल्पना सिर्फ एक और मेडिकल कॉलेज खोलने तक सीमित नहीं थी। इसका असल मकसद झारखण्ड और पूरे पूर्वी भारत के विकास में योगदान देना, नए अवसर पैदा करना और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना था। आज पहला दीक्षांत समारोह मनाते हुए हम डॉक्टरों की उस नई पीढ़ी को देश को सौंप रहे हैं जो इस विज़न को आगे बढ़ाएगी।”
कार्यक्रम का विवरण:
- कार्यक्रम: मनिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC) का प्रथम दीक्षांत समारोह
- दिनांक एवं समय: 1 जून 2026, सुबह 11:30 बजे से
- स्थान: MTMC परिसर, बारीडीह, जमशेदपुर
मनिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC) के बारे में:
जमशेदपुर (झारखण्ड) स्थित मनिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC), मनिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE) और टाटा स्टील की एक अनूठी संयुक्त पहल है। यह संस्थान आधुनिक बुनियादी ढांचे, उन्नत शिक्षण सुविधाओं, मजबूत क्लिनिकल ट्रेनिंग और बेहतरीन फैकल्टी के माध्यम से देश को ऐसे कुशल स्वास्थ्य सेवा पेशेवर दे रहा है, जो समाज, चिकित्सा विज्ञान और राष्ट्र-निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकें।



