जमशेदपुर : भाजपा से जुड़े एक कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया पर भावुक और तीखी पोस्ट साझा करते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि 7 जुलाई को महामहिम राज्यपाल को सौंपे गए पत्र में पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने के बजाय मुख्य आरोपी नीरज सिंह को निर्दोष साबित करने का प्रयास किया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की ऐसी क्या मजबूरी है कि वे एक आरोपी का पक्ष लेने में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति ने पुलिस के समक्ष अपना अपराध स्वीकार किया, उसे बचाने के लिए राजभवन तक को गुमराह करने की कोशिश की गई।

पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कई वरिष्ठ नेता और चार-चार पूर्व मुख्यमंत्री जमशेदपुर अथवा लोकसभा क्षेत्र से जुड़े होने के बावजूद उनके अस्पताल में भर्ती भतीजे प्रत्यूष का हाल जानने तक नहीं पहुंचे। उन्होंने इसे पीड़ित परिवार की उपेक्षा बताते हुए गहरी नाराजगी जताई. कार्यकर्ता ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि अब तक किसी भी वरिष्ठ नेता की ओर से इस पूरे मामले पर कोई खंडन या सफाई नहीं दी गई, जिससे यह प्रतीत होता है कि पूरा घटनाक्रम शीर्ष नेतृत्व की जानकारी में हुआ।
पोस्ट के अंत में उन्होंने कहा कि राजनीतिक उपेक्षा और कथित विश्वासघात के बावजूद वह अपने भतीजे को न्याय दिलाने की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ते रहेंगे। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि क्या एक कार्यकर्ता के बच्चे के खून से अधिक अहमियत एक बार संचालक की है. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित नेताओं या भाजपा की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
