पटना : बिहार की सियासत में इस वक्त भूचाल आ गया है। पटना के ’10 सर्कुलर रोड’ स्थित राबड़ी आवास को खाली करने के लिए बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग (BCD) ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 15 दिनों का आखिरी अल्टीमेटम दे दिया है। नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर तय समय के भीतर बंगला खाली नहीं किया गया, तो प्रशासन कानूनी और बलपूर्वक कार्रवाई करेगा।



नीतीश-सम्राट सरकार का एक्शन: मंत्री नंदकिशोर राम को अलॉट हुआ बंगला
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, पटना हाईकोर्ट के पुराने आदेश के तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला देने का प्रावधान खत्म हो चुका है। राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते ’39, हार्डिंग रोड’ का बंगला पहले ही आवंटित किया जा चुका है। वहीं, ’10 सर्कुलर रोड’ वाले इस ऐतिहासिक बंगले को अब एनडीए सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम के नाम अलॉट कर दिया गया है।
राबड़ी देवी की खुली चुनौती- “फोर्स बुलाकर खाली करा लें, खुद नहीं जाऊंगी”
इस नोटिस के बाद लालू परिवार का गुस्सा सातवें आसमान पर है। दिल्ली से पटना लौटते ही एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने सरकार को सीधी चुनौती दे डाली। उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में कहा:
“वे (सरकार) फोर्स बुलाकर खाली करा लें, लेकिन मैं खुद से यह आवास खाली नहीं करूंगी।”
20 साल की सियासत का केंद्र है ’10 सर्कुलर रोड’
बता दें कि यह बंगला साल 2005 से ही लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का मुख्य आशियाना रहा है। आरजेडी (RJD) के तमाम बड़े फैसले इसी छत के नीचे से लिए जाते रहे हैं। ऐसे में इस बंगले को खाली कराने के नोटिस ने बिहार में एक नया सियासी युद्ध छेड़ दिया है। नोटिस की मियाद पूरी होने के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।



