कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों खान-पान की तस्वीरें सुर्खियां बटोर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बंगाल के मशहूर स्नैक ‘झालमुढ़ी’ का लुत्फ उठाने के बाद, अब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता चम्पाई सोरेन की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वे बड़े चाव से ‘माछ-भात’ (मछली-चावल) खाते नजर आ रहे हैं।

















सादगी ने जीता लोगों का दिल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस तस्वीर में चम्पाई सोरेन बेहद साधारण तरीके से बैठकर पारंपरिक बंगाली और झारखंडी भोजन का आनंद ले रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि यह तस्वीर उनकी ‘जमीनी नेता’ वाली छवि को दर्शाती है। चम्पाई सोरेन, जिन्हें ‘कोल्हान का टाइगर’ भी कहा जाता है, अक्सर अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं।
पीएम मोदी की ‘झालमुढ़ी’ से हो रही तुलना
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की झालमुढ़ी खाते हुए तस्वीर ने खूब चर्चा बटोरी थी, जिसे बंगाल की संस्कृति से जुड़ने की एक कोशिश के रूप में देखा गया था। अब चम्पाई सोरेन की ‘माछ-भात’ वाली फोटो सामने आने के बाद नेटिज़न्स इसकी तुलना कर रहे हैं। लोग कमेंट्स में लिख रहे हैं कि राजनीति में स्थानीय खान-पान जनता से जुड़ने का सबसे सरल माध्यम है।
क्या हैं इसके सियासी मायने?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल और झारखंड की सीमाएं आपस में जुड़ी हुई हैं और दोनों राज्यों की खान-पान की संस्कृति में काफी समानताएं हैं। ऐसे में चम्पाई सोरेन का यह अंदाज़ न केवल झारखंड, बल्कि बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी उनके प्रति एक आत्मीयता पैदा करता है।
मुख्य बिंदु:
- तस्वीर का स्थान: पश्चिम बंगाल का दौरा
- व्यंजन: पारंपरिक माछ-भात
- सोशल मीडिया रिएक्शन: सादगी और क्षेत्रीय पहचान को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं।
