लोकतंत्र सवेरा : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण से लेकर आखिरी चरण तक जनता के रुझान ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। अब जब मतदान संपन्न हो चुका है, तो सबसे बड़ा सवाल यही है — क्या नीतीश कुमार एक बार फिर सत्ता में वापसी करेंगे या इस बार तेजस्वी यादव का ‘युवा जोश’ जीत की कहानी लिखेगा?
एग्जिट पोल्स ने जो तस्वीर दिखाई है, वह बेहद रोमांचक और दिलचस्प है। कई चैनलों और एजेंसियों के सर्वे के अनुसार बिहार में मुकाबला सीधा एनडीए बनाम महागठबंधन के बीच फंसा हुआ है।
कुछ एग्जिट पोल्स में दावा किया गया है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन बढ़त हासिल करता दिखाई दे रहा है, जबकि कुछ सर्वे में तेजस्वी यादव की आरजेडी और उनके सहयोगियों को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाया गया है।
अगर आंकड़ों पर गौर करें तो,
एनडीए गठबंधन को लगभग 140 से 150 सीटें मिलती दिख रही हैं,
वहीं महागठबंधन को 72 से 83 सीटों तक का अनुमान लगाया गया है।
शेष सीटों पर अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों का असर देखने को मिल सकता है।
जनता का मूड इस बार कुछ बदला-बदला नजर आ रहा है। बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे हर मतदाता के मन में गूंजते रहे। वहीं, नीतीश कुमार ने अपने 15 साल के शासन में विकास और सुशासन का हवाला देकर लोगों से एक और मौका मांगा, जबकि तेजस्वी यादव ने “नौकरी और बदलाव” का वादा करके युवाओं को अपनी तरफ खींचने का प्रयास किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बिहार की तस्वीर इस बार काफी मिश्रित है। ग्रामीण इलाकों में नीतीश कुमार का प्रभाव अब भी मजबूत माना जा रहा है, जबकि शहरी और युवा मतदाता वर्ग में तेजस्वी यादव की लोकप्रियता में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
अब सबकी निगाहें गिनती के दिन यानी रिजल्ट डे पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि बिहार की जनता ने अनुभव पर भरोसा जताया या बदलाव को चुना।
एग्जिट पोल का सारांश:
एनडीए: 140-150 सीटें
महागठबंधन: 72-83 सीटें
अन्य: 8-10 सीटें
बिहार की जनता ने बटन दबाकर अपना फैसला सुना दिया है — अब देखना यह होगा कि एग्जिट पोल की भविष्यवाणी कितनी सटीक साबित होती है।
