लोकतंत्र सवेरा : बिहार विधानसभा चुनाव के ताज़ा नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मोदी–नीतीश की जोड़ी राज्य की राजनीति में आज भी सबसे मजबूत और भरोसेमंद मानी जाती है। रुझानों से लेकर अंतिम परिणाम तक, एनडीए ने लगातार बढ़त बनाए रखी और आखिरकार शानदार जीत दर्ज करते हुए बिहार में एक बार फिर सत्ता में वापसी कर ली।

















































NDA की जीत पर जश्न—आभार व्यक्त किया प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश ने
परिणाम आने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए बिहार की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि “बिहार ने विकास, स्थिरता और विश्वास को वोट दिया है। एनडीए सरकार एक बार फिर बिहार के विकास के लिए दोगुनी तेजी से काम करेगी।”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जीत जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने वादा किया कि अगले कार्यकाल में
— बेहतर सड़कें
— स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
— महिलाओं की सुरक्षा
— ग्रामीण विकास
— युवाओं को रोजगार
इन सभी क्षेत्रों में बड़े कदम उठाए जाएंगे।
कैसे बनी मोदी–नीतीश की जीत की लहर?
इस चुनाव में एनडीए की जीत के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं:
- डबल इंजन सरकार का वादा: केंद्र और राज्य की संयुक्त योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँचना।
- महिला मतदाताओं का जोरदार समर्थन: बिहार में महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया, जिसका लाभ एनडीए को मिला।
- विकास कार्यों का प्रभाव: सड़क, बिजली, शिक्षा और कानून-व्यवस्था में हुए सुधारों का सीधा फायदा वोटों में दिखा।
- तेजस्वी बनाम नीतीश का मुकाबला: महागठबंधन ने कोशिश की, पर जनता ने स्थिर नेतृत्व को तरजीह दी।
महागठबंधन को झटका—कड़ी टक्कर के बाद भी पिछड़ गया
महागठबंधन ने कई सीटों पर कड़ी चुनौती दी, पर अंत में उसकी रणनीति व वोट बैंक एनडीए की लहर के आगे फीका पड़ गया। कई क्षेत्रों में वोटों का सीधा लाभ एनडीए को मिला, खासकर ग्रामीण और महिला बहुल इलाकों में।
एनडीए की अगली रणनीति—विकास के ‘फास्ट ट्रैक’ पर बिहार
जीत के बाद एनडीए सरकार अब बड़े विकास एजेंडे पर फोकस करने की तैयारी में है।
— नए उद्योग लगाने
— युवाओं के लिए कौशल कार्यक्रम
— शहरों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने
जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।
निष्कर्ष….
बिहार के लोगों ने फिर एक बार साफ संदेश दिया है—मोदी–नीतीश की जोड़ी पर भरोसा है, और बिहार को विकास वाली सरकार चाहिए। एनडीए की बड़ी जीत ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं और राज्य में एक बार फिर विकास की पटरी को तेज गाड़ी मिल गई है।





