पटना : बिहार के लोगों का इंतजार खत्म हो चुका है। पटना में मेट्रो ट्रेन दौड़ पड़ी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना मेट्रो का उद्घाटन किया है। पटना मेट्रो का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद भी मेट्रो ट्रेन में बैठे। मेट्रो ट्रेन में सरकार के कुछ अन्य मंत्री और अफसर मौजूद थे। मेट्रो ट्रेन के पहले सफर के खत्म होने के बाद इसे आम लोगों के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेट्रो को हरी झंडी दिखाई है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेट्रो के फर्स्ट फेज का उद्घाटन किया है। पटना मेट्रो के उद्घाटन के वक्त वहां मौजूद लोगों में काफी उत्साह भी नजर आया है। लोग पटना मेट्रो की एक झलक देखने के लिए लोग काफी बेताब नजर आए है। अभी आईएसबीटी, जीरो माइल और भूतनाथ तक मेट्रो ट्रेन चलेगी।
हर 20 मिनट पर मिलेगी ट्रेन
हर 20 मिनट के अंतराल पर प्रत्येक स्टेशन पर मेट्रो उपलब्ध होगी। प्रतिदिन मेट्रो 40 से 42 फेरे लगाएगी। महिलाओं और दिव्यांगों के लिए प्रत्येक ट्रेन में 12-12 सीटें आरक्षित होंगी। मेट्रो कोच में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा भी होगी। प्रत्येक कोच में सभी दरवाजों के पास एक लाल रंग का पैनिक बटन दिया गया है। कोच के अंदर डिस्प्ले बोर्ड पर अगले स्टेशन की जानकारी और घोषणाएं लगातार चलती रहेंगी।
पटना मेट्रो का कितना होगा किराया
आपको बता दें कि जब पूरे तरीके से मेट्रो का परिचालन शुरू हो जाएगा तब इसके तीन कोच में प्रति ट्रिप लगभग 900 यात्री यात्रा कर सकेंगे। इसमें न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरो माइल, भूतनाथ, खेमनीचक और मलाही पकरी स्टेशन शामिल हैं। रेड लाइन के एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पर जाने के लिए लोगों को 15 रुपये किराए देने होंगे, जबकि सभी स्टेशनों तक जाने के लिए अधिक से अधिक 30 रुपये किराया लगेंगे।
बेली रोड पर मेट्रो का भूमिगत खंड मेट्रो परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शहर के व्यस्त इलाकों में मेट्रो के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करेगा। नीतीश कुमार ने कॉरिडोर वन के तहत कुल छह भूमिगत स्टेशनों के लिए 9.35 किमी की सुरंग की आधारशिला रखी है। इस कॉरिडोर में पटना जंक्शन से रुकनपुरा और मीठापुर तक 9.35 किमी लंबी सुरंग शामिल है, जिस पर कुल 2,565.80 करोड़ रूपये खर्च किये जाएंगे। इसका निर्माण कार्य अगले 42 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। निर्माण के फेज वन में रुकनपुरा, राजा बाजार और चिड़ियाघर स्टेशन के साथ ही पाटलिपुत्र एलिवेटेड स्टेशन के बाद रुकनपुरा रैंप शामिल है।
जिसकी कुल लागत 1,147.50 करोड़ रूपये है। वहीं, फेज दो में विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जंक्शन स्टेशन के साथ विकास भवन से मीठापुर तक सुरंग का निर्माण भी शामिल है। जिसकी कुल लागत 1,148.3 करोड़ है। पटना मेट्रो की कुल लागत 13,925.5 करोड़ रुपये है, जिसमें जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआइसीए), केंद्र सरकार और बिहार सरकार का योगदान है। पटना मेट्रो के दो कॉरिडोर रेड लाइन (16.86 किमी) और ब्लू लाइन (14.56) में कुल 24 होंगे। पहले चरण का पूरा संचालन 2027 तक शुरू होने की संभावना है।पटना मेट्रो की सुरक्षा बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस (बीएसएपी) के जवान संभालेंगे। बीएसएपी के जवान मेट्रो पर चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। प्रवेश द्वार से लेकर प्लेटफार्म तक इनकी तैनाती होगी।
