रपचा जंगल में दफन मिले राहुल हांसदा और तपन प्रधान के शव, दो संदिग्ध हिरासत में, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
सरायकेला-खरसावां : जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र में छह दिनों से लापता दो युवकों के शव बरामद होने के बाद सनसनी फैल गई है। पुलिस ने रपचा जंगल में दफन किए गए राहुल हांसदा और तपन प्रधान के शव बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों रविन्द्र मार्डी और फूलचंद हांसदा को हिरासत में लिया है। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल में खुदाई कर शवों को बाहर निकाला. एसडीपीओ अभिनव भारद्वाज ने बताया कि पिंडाबेड़ा निवासी राहुल हांसदा और खरखावां निवासी तपन प्रधान के लापता होने की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही थी। जांच के क्रम में दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में संदिग्धों ने कथित तौर पर बताया कि दोनों युवकों पर चोरी का आरोप लगाकर उनके साथ मारपीट की गई थी। मारपीट के दौरान दोनों की मौत हो गई, जिसके बाद कथित तौर पर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शवों को जंगल में दफना दिया गया।

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई खुदाई……
संदिग्धों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने मजिस्ट्रेट सह अंचल निरीक्षक बलवंत सिंह की मौजूदगी में रपचा जंगल में बताए गए स्थान पर खुदाई कराई। खुदाई के दौरान दोनों युवकों के शव बरामद हुए। शवों की बरामदगी के समय कांड्रा थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर विनोद कुमार मुर्मू सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।
13 अगस्त की रात से लापता थे दोनों युवक…..
जानकारी के अनुसार, राहुल हांसदा और तपन प्रधान 13 अगस्त की रात करीब आठ बजे धातकीडीह स्कूल परिसर में बैठे थे। प्रत्यक्षदर्शी सूरज हांसदा के अनुसार, इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और तीनों के साथ मारपीट की। इसके बाद तीनों को एक कार में बैठाकर गम्हरिया की ओर ले जाया गया. बताया जाता है कि रास्ते में सूरज हांसदा किसी तरह वहां से भाग निकलने में सफल रहा, लेकिन राहुल और तपन का इसके बाद कोई पता नहीं चला। दोनों के लापता होने के बाद परिजनों ने उनके अपहरण और हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस खंगाल रही पूरे घटनाक्रम की कड़ियां……
दोनों युवकों के शव बरामद होने के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवकों के साथ मारपीट की वास्तविक वजह क्या थी, घटना में कितने लोग शामिल थे और शवों को जंगल में कब और कैसे दफनाया गया. अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही मौत के कारण, घटना की पूरी परिस्थितियों और कथित साजिश का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्धों से पूछताछ जारी है।



























































