पठानकोट : “जाको राखे साईंया, मार सके न कोय” — इस कहावत को एक बार फिर सच होते देखा पंजाब के पठानकोट में, जब मौत एकदम सामने थी और किस्मत पलट गई सिर्फ कुछ सेकंड में। लगातार मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने पंजाब के हालात बदतर कर दिए हैं। लेकिन इसी तबाही के बीच एक मदद का चमत्कारी मिशन चर्चा में आ गया है। माधोपुर हेडवर्क्स के पास जब 25 लोग एक इमारत की छत पर फंसे हुए थे, सेना ने जान की बाज़ी लगाकर उन्हें हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया।
लेकिन असली हैरानी तब हुई, जब चंद मिनटों बाद वही इमारत भरभराकर जमींदोज हो गई! अगर रेस्क्यू ज़रा भी देर से होता, तो 25 लाशें मलबे में दफन हो जातीं। सेना ने बताया कि यह मिशन बेहद जोखिम भरा और टाइम-सेंसिटिव था। सुबह करीब 6 बजे ‘आर्मी एविएशन’ के हेलिकॉप्टर ने एक-एक कर सभी लोगों को निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जहां उन्हें राहत और चिकित्सा दी गई।
राज्य के कई हिस्से जलमग्न हैं। सतलुज, व्यास, रावी जैसी नदियाँ उफान पर हैं। गांवों से लेकर शहरों तक हालात बिगड़ते जा रहे हैं। हजारों एकड़ जमीन पानी में डूब गई है, सड़कें टूट चुकी हैं, और सैकड़ों परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. बढ़ते के खतरे को देखते हुए पंजाब सरकार ने 30 अगस्त तक सभी सरकारी व निजी स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं. लोग नदियों और नालों के पास जाने से बचें, और अफवाहों पर ध्यान न देकर सिर्फ प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।