जमशेदपुर/घाटशिला/मुसाबनी : मुसाबनी के मुर्गी बाजार क्षेत्र से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां सरकारी जमीन पर खुलेआम अतिक्रमण कर पक्के मकानों का निर्माण किया जा रहा है। हैरानी की बात ये है कि अंचल विभाग, अंचल कर्मचारी और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद यह अवैध कब्जा धड़ल्ले से जारी है।

सवाल उठना लाजमी है…….
👉 क्या प्रशासन की नजर इस पर नहीं पड़ रही?
👉 या फिर सब कुछ “देखते हुए भी अनदेखा” किया जा रहा है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई गरीब व्यक्ति सरकारी जमीन पर एक लकड़ी का खूंटा भी गाड़ दे, तो विभाग तुरंत कार्रवाई कर उसका जीना मुश्किल कर देता है। लेकिन वहीं, पैसे और रसूख के दम पर कुछ लोग सरकारी जमीन पर कब्जा कर आराम से मकान खड़ा कर रहे हैं — और कोई पूछने वाला तक नहीं!
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आज तक एक भी अतिक्रमणकारी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न कोई नोटिस, न कोई तोड़फोड़, न ही कोई सख्त कदम। इससे साफ जाहिर होता है कि या तो प्रशासन पूरी तरह से लापरवाह है, या फिर कहीं न कहीं मिलीभगत की बू आ रही है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या रुख अपनाता है……
⚠️ क्या होगी कड़ी कार्रवाई?
⚠️ या फिर यूं ही चलता रहेगा सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल?
फिलहाल जनता के मन में एक ही सवाल है — आखिर कानून सिर्फ गरीबों के लिए ही क्यों?
