रांची/हजारीबाग : कोषागार घोटाले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। हजारीबाग में हुए इस बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही अब तक कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि गबन की रकम बढ़कर 28 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।


शशि प्रकाश सिंह ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि इससे पहले गिरफ्तार किए गए सिपाही शंभू सिंह, रजनीश सिंह और धीरेंद्र सिंह के अलावा अब शंभू सिंह की पत्नी काजल कुमारी और रजनीश सिंह की पत्नी खुशबू कुमारी को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, शुरूआती जांच में गबन की राशि 15.41 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन लगातार खुलासों के बाद यह आंकड़ा लगभग दोगुना होकर 28 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इससे साफ है कि घोटाले की जड़ें काफी गहरी हैं और इसमें कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
जांच के दायरे को और विस्तारित करते हुए हजारीबाग और बरही की टीमों को गया भेजा गया है। जांच में यह सामने आया है कि गया निवासी शंभू कुमार करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन बैठा है। उसके पास हजारीबाग और गया में करीब 8 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां हैं, जिनमें गया का एक चार मंजिला आलीशान भवन भी शामिल है।
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि गबन की गई राशि का बड़ा हिस्सा जमीन और इमारतों में निवेश किया गया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनि अंजान ने साफ कहा कि घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल, यह घोटाला राज्य के कई जिलों तक फैलता नजर आ रहा है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
