जमशेदपुर : सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में पुस्तैनी जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब दोहरे एंगल के साथ सुर्खियों में आ गया है। एक ओर जहां जेसीबी से जमीन पर कब्जे की कोशिश और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है, वहीं दूसरी ओर इसी प्रकरण से जुड़ा एक कथित CCTV वीडियो वायरल होने के बाद थाना में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर विकास कुमार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब वायरल वीडियो में वर्दीधारी अधिकारी को आम लोगों के साथ कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए देखा-सुना गया। वीडियो सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पूरे शहर में चर्चा तेज हो गई।
इधर, पीड़ित मलिंदर सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी पुस्तैनी जमीन पर दबंगों द्वारा जेसीबी मशीन से जबरन समतलीकरण कर अवैध कब्जे की कोशिश की जा रही थी। विरोध करने पर न केवल गाली-गलौज की गई, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी गई। उन्होंने राज लकड़ा समेत कई लोगों पर संगठित तरीके से जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
मामले को मिला राजनीतिक तूल……
घटना को भाजपा नेता अंकित आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उठाते हुए जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), राज्य के डीजीपी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राष्ट्रीय महिला आयोग को टैग कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी ऐसे वीडियो सामने आ चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
SI का पलटवार—भू-माफिया और झूठे मुकदमों का आरोप…..
वहीं, आरोपों के घेरे में आए सब-इंस्पेक्टर विकास कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। उनके अनुसार, कुछ भू-माफिया द्वारा अवैध निर्माण कराया जा रहा था, जिसे रोकने के दौरान पुलिस टीम को विरोध और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि थाना प्रभारी समेत पुलिस टीम को झूठे केस में फंसाने की साजिश रची जा रही है।
जांच पर टिकी निगाहें…….
फिलहाल वायरल CCTV वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन बढ़ते विवाद के बीच उच्चाधिकारियों द्वारा जांच के संकेत मिल रहे हैं। पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यशैली, जमीन विवाद और कानून-व्यवस्था पर एक साथ कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
“अब देखना होगा कि जांच के बाद सच्चाई किसके पक्ष में जाती है—पीड़ित के आरोप या पुलिस की सफाई।”
