जमशेदपुर : जमशेदपुर में शिक्षा के मंदिर पर अब सवालों के बादल मंडराने लगे हैं। शहर के चर्चित लिटिल फ्लॉवर स्कूल पर अभिभावकों से कथित तौर पर जबरन “बिल्डिंग फंड” के नाम पर भारी रकम वसूलने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा करीब ₹14 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे लेकर अभिभावकों में भारी नाराजगी है।

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि यह वसूली किसी विकल्प के बिना बाध्यकारी रूप में की जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि यह “फंड” स्वैच्छिक न होकर दबाव में लिया जा रहा है, जिससे उनकी जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी आवाज उठने लगी है। पोस्ट में पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से इस पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। आरोप है कि इस तरह की वसूली शिक्षा के अधिकार (RTE) और अन्य कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हो सकती है।
बड़ा सवाल…….
👉 क्या स्कूलों को इस तरह जबरन फंड वसूलने की छूट है?
👉 क्या अभिभावकों के पास मना करने का कोई विकल्प नहीं?
👉 क्या शिक्षा विभाग इस पूरे मामले से अनजान है या फिर मौन सहमति है?
शिक्षा के नाम पर यदि इस तरह के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न सिर्फ अभिभावकों के साथ अन्याय है, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या अभिभावकों को राहत मिलती है या नहीं।
