जमशेदपुर : होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में जमशेदपुर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आए दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने निखार सबलोक की हत्या की सुपारी ली थी, लेकिन वारदात को अंजाम देने में विफल रहे। इसके बाद दोनों को गणेश सिंह गिरोह के एक अन्य सदस्य की हत्या के लिए जमशेदपुर बुलाया गया था। हालांकि, टारगेट तक पहुंचने से पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश निवासी प्रदीप सिंह (38) और अभिनय यादव (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से एक लोडेड देसी पिस्तौल बरामद की है। दोनों की गिरफ्तारी सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के पाण्डेय घाट के पास से हुई. गुरुवार को प्रेस वार्ता में एसपी ऋषभ द्विवेदी ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार प्रदीप सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत करीब 10 मामले दर्ज हैं।

19 अगस्त को ली थी 15 लाख की सुपारी…….
पुलिस के अनुसार दोनों शूटरों को जमशेदपुर के सिंटू सिंह उर्फ अभिमन्यु सिंह और अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव ने बुलाया था। दोनों को कुम्हारपाड़ा स्थित अशोक कुमार के मकान में सुनील रजक के माध्यम से ठहराया गया था. जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने 19 अगस्त को निखार सबलोक की हत्या के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी ली थी। हत्या को अंजाम देने के लिए दोनों जमशेदपुर पहुंचे, लेकिन अपने मकसद में सफल नहीं हो सके। सुपारी की रकम के एडवांस को लेकर सिंटू सिंह से विवाद होने के बाद दोनों बिना हत्या किए ही उत्तर प्रदेश लौट गए थे. इसके बाद दोनों को एक अन्य व्यक्ति की हत्या के लिए टारगेट और सुपारी की रकम तय होने का इंतजार था। इसी क्रम में उन्हें दोबारा जमशेदपुर बुलाया गया। इस बार उन्हें गणेश सिंह गिरोह के एक सदस्य की हत्या करनी थी।
टारगेट बताने से पहले ही पुलिस ने दबोचा……
पुलिस के मुताबिक, दोनों शूटरों को यह जानकारी अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव से मिलनी थी कि गिरोह के किस सदस्य को निशाना बनाना है। हालांकि, दोनों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. टारगेट और आगे की योजना की जानकारी मिलने से पहले ही पुलिस ने दोनों को पाण्डेय घाट के पास से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है।
गणेश गिरोह के कई सदस्य विरोधी गुट के निशाने पर……
पुलिस जांच और सूत्रों के अनुसार, निखार सबलोक की हत्या के बाद गणेश सिंह गिरोह के अन्य सदस्यों को भी निशाना बनाने की योजना तैयार की गई थी। बताया जा रहा है कि गणेश सिंह के रिश्तेदार विनोद सिंह, बागबेड़ा निवासी विजय सिंह उर्फ मोनू और नारायण समेत अन्य लोगों की रेकी किए जाने की बात सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, गणेश सिंह की भी रेकी की जा रही थी। उसके साथ रहने वाले लोगों और गिरोह के अन्य सदस्यों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही थी. बताया जा रहा है कि गैंगस्टर अखिलेश सिंह गिरोह से जुड़े सिंटू सिंह उर्फ अभिमन्यु सिंह और अशोक सिंह राघव ने विरोधी गुट के सदस्यों को निशाना बनाने के लिए शूटरों को जमशेदपुर बुलाया था। सूत्रों के अनुसार, गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेने के लिए गणेश सिंह गिरोह के सदस्यों को निशाना बनाने की योजना तैयार की गई थी।
24 अगस्त को हुई थी निखार सबलोक की हत्या……
गौरतलब है कि 24 अगस्त को होटल कारोबारी निखार सबलोक की चांडिल थाना क्षेत्र के आसानबनी स्थित 10th माइल स्टोन रेस्टोरेंट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अपराधियों ने निखार को करीब 11 गोलियां मारी थीं. पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार दोनों शूटर पहले निखार सबलोक की हत्या के लिए जमशेदपुर पहुंचे थे, लेकिन उनके विफल होने के बाद दूसरे शूटरों के जरिए निखार की हत्या कराई गई।
निखार हत्याकांड में पुलिस अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, मामले में सिंटू सिंह उर्फ अभिमन्यु सिंह की दिल्ली से गिरफ्तारी की सूचना सामने आई है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. जांच में यह भी सामने आया है कि सिंटू सिंह ने शूटरों को जमशेदपुर बुलाने में भूमिका निभाई थी, जबकि अशोक सिंह राघव पर फाइनेंस की जिम्मेदारी होने की बात कही जा रही है. पुलिस अब पूरे मामले में सुपारी की रकम, शूटरों की आवाजाही, हथियार की व्यवस्था और गिरोहों के बीच चल रही आपसी रंजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।