जमशेदपुर : मानगो स्थित एक निजी नर्सिंग होम में रेयान आलम की संदिग्ध मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस बीच आरोपों के घेरे में आए क्लीनिक संचालक डॉ. अशरफ बदर ने सोमवार को सामने आकर पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखते हुए खुद को और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. अजय प्रसाद को पूरी तरह निर्दोष बताया।

डॉ. बदर ने कहा कि ऑपरेशन से पहले ही मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद बिना देर किए उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि चिकित्सकीय प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।
उन्होंने इस पूरे मामले को साजिश करार देते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर इस घटना को तूल देकर राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। “डॉ. अजय प्रसाद एक अनुभवी एनेस्थीसियोलॉजिस्ट हैं और उनका इस घटना में कोई दोष नहीं है,” उन्होंने स्पष्ट किया।
गौरतलब है कि रेयान आलम की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था, जिसके बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। फिलहाल पूरे प्रकरण को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है और प्रशासन की नजर इस पर बनी हुई है।
अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था या फिर सच में लापरवाही की परतें छिपी हैं?
