जमशेदपुर : जमशेदपुर के टेल्को स्थित लिटिल फ्लॉवर स्कूल में “भवन निधि” के नाम पर प्रस्तावित करीब 14 करोड़ रुपये की वसूली को लेकर विवाद गहरा गया है। शिक्षा सत्याग्रह के संस्थापक एवं भाजपा नेता अंकित आनंद ने इस मामले को गंभीर अनियमितता बताते हुए जिला उपायुक्त, जिला शिक्षा अधीक्षक, प्राथमिक शिक्षा निदेशक एवं क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक को ईमेल भेजकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।


अपने शिकायत पत्र में उन्होंने स्पष्ट कहा है कि प्रत्येक छात्र से ₹1000 प्रतिमाह तथा नए प्रवेश पर ₹12,000 की अनिवार्य वसूली शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 का सीधा उल्लंघन है। बिना सक्षम प्राधिकरण की अनुमति इस प्रकार शुल्क निर्धारण को उन्होंने अवैध करार देते हुए इसे अभिभावकों के आर्थिक शोषण का प्रयास बताया।
अंकित आनंद ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए, अविलंब वसूली पर रोक लगे, दोषी प्रबंधन पर प्राथमिकी दर्ज हो तथा अब तक वसूली गई राशि अभिभावकों को लौटाई जाए।
इसी क्रम में शुक्रवार पूर्वाह्न 11:30 बजे अंकित आनंद ने स्कूल के मुख्य द्वार के समक्ष प्राचार्या सिस्टर हिल्डा डी’सूजा के हस्ताक्षर से जारी नोटिस की प्रति जलाकर सांकेतिक विरोध जताया। उन्होंने इसे “तुगलकी फरमान” बताते हुए कहा कि इसे हर हाल में वापस लिया जाना चाहिए।
अंकित आनंद ने दूरभाष पर जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से बात कर मामला उनके संज्ञान में दिया, जिस पर उपायुक्त ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अंकित आनंद ने कहा कि “14 करोड़ की जबरन वसूली शिक्षा के अधिकार पर सीधा प्रहार है। यह कृत्य कानून की नजर में दंडनीय है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है। यदि तत्काल रोक नहीं लगी तो हम न्यायिक व जनांदोलन दोनों स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे।”
