जमशेदपुर : जमशेदपुर की बीरीडीह बस्ती की रहने वाली कंचन कुमारी इन दिनों दोहरी मार झेल रही हैं। एक तरफ उनके पति कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ लोग मदद के नाम पर अब उनसे पैसे वसूलने और घर बेचने का दबाव बना रहे हैं। परेशान होकर कंचन कुमारी ने समाज और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
कंचन कुमारी ने बताया कि वह अपने घर में ही एक छोटी-सी दुकान चलाकर किसी तरह परिवार का गुजारा करती हैं। वर्ष 2024 उनके परिवार के लिए किसी काल से कम नहीं रहा, जब अचानक उनके पति की तबीयत बहुत खराब हो गई। जांच के बाद उन्हें इलाज के लिए हैदराबाद के AIG अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके पति को रेक्टम कैंसर है, जो दूसरे और तीसरे स्टेज के बीच है।
डॉक्टरों ने बताया कि इलाज के लिए दो बार सर्जरी, रेडिएशन और कीमोथेरेपी करनी होगी, जिसका कुल खर्च 10 से 12 लाख रुपये तक आएगा। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण कंचन कुमारी ने रिश्तेदारों, दोस्तों, इम्पैक्ट गुरु और समाज के लोगों से मदद की अपील की। लोगों ने सहयोग किया और इसी मदद से उनके पति का इलाज संभव हो सका।
मदद को बताया कर्ज, अब घर बेचने का दबाव……
कंचन कुमारी का आरोप है कि जब वह जून 2025 में पति की दूसरी सर्जरी करवाकर हैदराबाद से वापस लौटीं, तब उनके पति के दोस्त बताए जाने वाले तीन लोग उनके घर आए। उन्होंने कहा कि जो आर्थिक मदद दी गई थी, वह मदद नहीं बल्कि कर्ज थी, जिसे अब लौटाना होगा।
उन लोगों ने लगभग 1 से 2 लाख रुपये की मांग की। कंचन कुमारी ने उनसे कहा कि अगर यह कर्ज था तो मदद करते समय बता देना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि पहले पूरा हिसाब दिखा दिया जाए, उसके बाद इलाज पूरा होने पर वह धीरे-धीरे पैसा लौटा देंगी। उस समय तीनों लोग सहमत होकर चले गए।
राजेश तांडी पर धमकी और दबाव का आरोप…..
कंचन कुमारी का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों से राजेश तांडी नाम का व्यक्ति लगातार उन पर दबाव बना रहा है कि वह अपना घर उसी व्यक्ति को बेच दें, जिसे वह बताएगा। ऐसा करने पर ही कथित कर्ज माफ करने की बात कही जा रही है।
कंचन कुमारी ने साफ कहा कि 1-2 लाख रुपये के लिए वह अपना घर नहीं बेच सकती, क्योंकि यही उनके परिवार का एकमात्र सहारा है। उनके पति का इलाज अभी भी जारी है और उनकी एक छोटी बेटी भी है। कंचन के मुताबिक, विरोध करने पर राजेश तांडी ने धमकी दी कि “तेरे पति को फंसाने में मुझे ज्यादा समय नहीं लगेगा।”
डर के कारण नंबर किया ब्लॉक……
कंचन कुमारी ने बताया कि डॉक्टरों ने उनके पति को तनाव से दूर रखने की सलाह दी थी। इसी वजह से उन्होंने अपने और अपने पति के फोन में उन लोगों के नंबर ब्लॉक कर दिए।
लेकिन उनका कहना है कि ब्लॉक करने के बाद भी अलग-अलग नंबरों से रोज फोन कर परेशान किया जा रहा है। रास्ते में मिलने पर भी धमकी दी जाती है कि अगर नंबर अनब्लॉक नहीं किया तो वह लोगों को लेकर घर पर आ जाएंगे।
मानसिक तनाव में पूरा परिवार…….
कंचन कुमारी ने कहा कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण उनका पूरा परिवार डर के साये में जी रहा है। यहां तक कि मार्च महीने में पति के इलाज के लिए हैदराबाद जाना था, लेकिन डर और तनाव की वजह से वह नहीं जा सकीं। उन्होंने कहा कि आज हालत यह हो गई है कि कोई अनजान फोन नंबर देखकर भी डर लगने लगता है।
समाज से लगाई मदद की गुहार……
कंचन कुमारी ने कहा कि संकट के समय लोगों से मदद मांगना उनकी मजबूरी थी, लेकिन आज वही मदद उनके लिए मानसिक प्रताड़ना बन गई है। उन्होंने समाज और प्रशासन से अपील की है कि उनकी पीड़ा को समझा जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।
कंचन ने कहा………
“जिस तरह पहले मेरी परेशानी की खबर प्रकाशित होने के बाद समाज के लोग मदद के लिए आगे आए थे, मुझे उम्मीद है कि इस बार भी मेरी आवाज सुनी जाएगी और मेरे परिवार को न्याय मिलेगा।” उन्होंने अपने पति की बीमारी से जुड़े सभी दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं, ताकि उनकी बात को किसी भी तरह से झूठा या भ्रामक न समझा जाए।
