जमशेदपुर : चर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड में फरार चल रहे पांच मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अब और सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। जिला पुलिस ने पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजकर आरोपियों पर घोषित इनाम की राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो-दो लाख रुपये करने की अनुशंसा की है। इस संबंध में अंतिम निर्णय पुलिस मुख्यालय स्तर पर लिया जाएगा।



117 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर आरोपी……
विक्रम शर्मा की हत्या को 117 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन मामले के मुख्य शूटर समेत अन्य प्रमुख आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस लगातार छापेमारी और तलाश अभियान चला रही है, बावजूद इसके आरोपी गिरफ्तारी से बचने में सफल रहे हैं. पुलिस के अनुसार फरार आरोपियों में आकाश प्रसाद, विशाल सिंह, आयुषोतोष सिंह, अंकित कुमार शर्मा और जितेंद्र कुमार शामिल हैं। इन सभी आरोपियों पर वर्तमान में एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित है।
कुर्की-जब्ती के बाद भी नहीं मिला कोई ठोस सुराग…..
फरार आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस उनके घरों की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी कर चुकी है। हालांकि इस कार्रवाई के बावजूद न तो किसी आरोपी ने आत्मसमर्पण किया है और न ही पुलिस को उनकी सटीक लोकेशन का पता चल सका है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इनाम की राशि बढ़ाए जाने से आम लोगों और मुखबिरों से महत्वपूर्ण सूचनाएं मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
13 फरवरी को हुई थी सनसनीखेज हत्या……
गौरतलब है कि 13 फरवरी को देहरादून स्थित सिल्वर सिटी मॉल में विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। गैंगस्टर अखिलेश सिंह के करीबी माने जाने वाले विक्रम शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. घटना के बाद से पुलिस लगातार जांच और गिरफ्तारी अभियान चला रही है, लेकिन मुख्य आरोपी अब तक फरार हैं। ऐसे में इनाम राशि बढ़ाने की पहल को पुलिस की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
जल्द सफलता मिलने की उम्मीद…..
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न राज्यों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। तकनीकी निगरानी के साथ-साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि इनाम की राशि बढ़ने के बाद जल्द ही कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगेगा और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकेगी।



