जमशेदपुर : साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए रोज नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला मानगो डिमना रोड स्थित निरंजन सिंह कॉम्प्लेक्स के जमुना अपार्टमेंट का है, जहां रहने वाले जयदेव घोष के बैंक खाते से साइबर ठगों ने महज 10 रुपये के टोकन भुगतान का झांसा देकर 6.97 लाख रुपये उड़ा लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

बिजली बिल बकाया बताकर भेजा फर्जी लिंक……
जानकारी के अनुसार, घटना 11 जुलाई की है। जयदेव घोष के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल और मैसेज आया। कॉल करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनका बिजली बिल बकाया है और यदि तत्काल भुगतान नहीं किया गया तो बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा।
विश्वास दिलाने के लिए ठग ने एक लिंक भेजा और कहा कि बिल अपडेट करने के लिए केवल 10 रुपये का टोकन अमाउंट जमा करना होगा।
10 रुपये चुकाए, 10 ट्रांजेक्शन में खाली कर दिया खाता…..
जैसे ही जयदेव घोष ने भेजे गए लिंक पर क्लिक कर 10 रुपये के भुगतान की प्रक्रिया शुरू की, साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद शातिरों ने उनके बैंक खाते से एक-दो नहीं, बल्कि 10 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 6 लाख 97 हजार रुपये निकाल लिए।
जब तक पीड़ित के मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे और उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तब तक बैंक खाता लगभग खाली हो चुका था।
साइबर थाना पहुंचा पीड़ित, जांच में जुटी पुलिस…..
घटना के बाद बदहवास जयदेव घोष सीधे साइबर अपराध थाना पहुंचे और पूरी घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक खातों, ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई।
पुलिस की अपील : अनजान लिंक से रहें सावधान……
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिजली बिल, केवाईसी, बैंक अपडेट या किसी भी सरकारी सेवा के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल और मैसेज पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या ऑनलाइन भुगतान करने से पहले संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें। थोड़ी सी लापरवाही आपकी जीवनभर की जमा-पूंजी पर भारी पड़ सकती है।

