जमशेदपुर : डायन प्रथा जैसे अंधविश्वास के खिलाफ लंबे समय से संघर्ष कर रहीं पद्मश्री सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता छुटनी महतो ने पूर्वी सिंहभूम के सीनियर एसपी पीयूष पांडेय से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की. मुलाकात के दौरान छुटनी महतो ने एक साधारण महिला से पद्मश्री सम्मान तक पहुंचने की अपनी संघर्षपूर्ण और पीड़ादायक यात्रा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि डायन करार दिए जाने के बाद उनके पति तथा ग्रामीणों ने उन्हें गांव से निकाल दिया था, जिसके कारण उन्हें अपने चार छोटे बच्चों के साथ पेड़ के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ा।



उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने कथित डायन बताकर प्रताड़ित की जा रही महिलाओं की रक्षा का संकल्प लिया और वर्षों से अंधविश्वास के खिलाफ आंदोलन चला रही हैं। इस दौरान उन्हें कई बार अंधविश्वासियों के विरोध और जानलेवा खतरे का सामना भी करना पड़ा. छुटनी महतो ने सीनियर एसपी से आग्रह किया कि पूर्वी सिंहभूम जिले में भी अंधविश्वास से जुड़े मामलों की कमी नहीं है, ऐसे में पुलिस प्रशासन को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से डायन प्रताड़ना के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
सीनियर एसपी पीयूष पांडेय ने उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करेगी. इस अवसर पर छुटनी महतो ने सीनियर एसपी को दंगा राजनीति त्रासदी पुस्तक भेंट कर मुलाकात को यादगार बनाया। यह पुस्तक जमशेदपुर के पत्रकार-कवि कुमार द्वारा लिखी गई है, जिसमें कोल्हान क्षेत्र के पिछले 40 वर्षों के राजनीतिक, सामाजिक, मानवाधिकार तथा सांप्रदायिक घटनाक्रम का विस्तृत वर्णन किया गया है।
