रांची : राजधानी में चर्चित नंदिनी हत्याकांड को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए पूरे मामले की परतें खोल दी हैं। इस जघन्य हत्याकांड में शामिल पिता और बेटे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि एक डॉक्टर को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। ग्रामीण एसपी ने प्रेस वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुबोध पाठक और उसका बेटा राहुल पाठक (उर्फ अक्षय) ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक बच्ची नंदिनी को करीब 8 वर्ष पूर्व सुबोध पाठक अपने साथ बिहार के औरंगाबाद से रांची लाया था और तब से वह उनके साथ रह रही थी। लेकिन समय के साथ यह रिश्ता ही उसकी मौत की वजह बन गया।
घटना रातू थाना क्षेत्र के झखराटांड की है, जहां 13 मार्च को राहुल पाठक ने गुस्से और शक के चलते मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी। पूछताछ में राहुल ने खुलासा किया कि उसे आशंका थी कि पिता कहीं नंदिनी को अपनी संपत्ति में हिस्सा न दे दें। साथ ही उसने यह भी बताया कि बच्ची के किसी परिचित से फोन पर बात करने को लेकर वह अक्सर नाराज रहता था, जिसको लेकर विवाद हुआ और उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की साजिश भी रची गई। घटना की जानकारी मिलने पर पिता सुबोध पाठक ने अपने एक परिचित डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने जांच के बाद बच्ची की मौत की पुष्टि की और शव को ठिकाने लगाने की सलाह दी। इसके बाद बाप-बेटे ने एंबुलेंस के जरिए शव को बिहार के गया ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया, ताकि मामला दबाया जा सके।
हालांकि पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच ने आरोपियों की चाल को नाकाम कर दिया। एंबुलेंस चालक के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
ग्रामीण एसपी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि राहुल अक्सर बच्ची के साथ मारपीट करता था और घटना के दिन भी विवाद के बाद उसने बेरहमी से उसकी हत्या कर दी।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और मामले में शामिल डॉक्टर की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। यह घटना न सिर्फ मानवता को शर्मसार करती है, बल्कि समाज में बढ़ती क्रूरता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
