सरायकेला-खरसावां : नीमडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत अंडा गांव के समीप स्थित हुटू गांव में जंगली हाथी के आतंक से ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है। रविवार तड़के करीब सुबह 3 बजे जंगली हाथी ने गांव में घुसकर तीन घरों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना में ग्रामीण बाल-बाल बचे, लेकिन पीड़ित परिवारों का आशियाना उजड़ गया।

हाथी के हमले से जिन ग्रामीणों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनमें सत्य नारायण दास, नगेन प्रमाणिक, अधिर प्रमाणिक शामिल हैं। अचानक हुई इस घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग पूरी रात डर के साए में रहे।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि चांडिल रेंज वन विभाग की लापरवाही के कारण आए दिन इस क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ता जा रहा है, लेकिन विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित है। ग्रामीणों का कहना है कि चांडिल रेंज अधिकारी पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं, न तो हाथियों की निगरानी की कोई ठोस व्यवस्था है और न ही पीड़ितों को समय पर सहायता मिलती है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि सरकार और वन विभाग को बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। हाथियों की आवाजाही को रोकने, गांवों की सुरक्षा करने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने में शासन-प्रशासन पूरी तरह नाकाम नजर आ रहा है।
पीड़ित परिवारों ने चांडिल रेंज वन विभाग से मांग की है कि जंगली हाथी को सुरक्षित जंगल क्षेत्र में भेजने की ठोस व्यवस्था की जाए तथा क्षतिग्रस्त घरों के लिए तत्काल मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन और सरकार की होगी।
