नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दावा किया है कि उसके ऊपर ईरान की ओर से बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए, जिन्हें रोकने के लिए देश का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हो गया है. ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर के बाद यह इस तरह का पहला हमला है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक यूएई के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार शाम बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया जा रहा है. इसके अलावा एक मालवाहक जहाज में आग की खबर भी मिली है. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने सोमवार को बताया कि उसे दुबई से लगभग 36 नॉटिकल मील उत्तर में एक मालवाहक जहाज़ से जुड़ी घटना की रिपोर्ट मिली है. UKMTO ने अपनी एडवाइजरी नोट में बताया कि जहाज ने अपने इंजन रूम में आग लगने की सूचना दी थी, जिसका कारण तुरंत पता नहीं चल पाया है।



हमले के बीच फुजैरा अमीरात से बड़ी खबर सामने आई, जहां एक ईरानी ड्रोन तेल फैसिलिटी से टकरा गया. ड्रोन टकराने से आग लग गई. खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक हमले में 3 भारतीय घायल हो गए. सिविल डिफेंस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश जारी रही. राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. यूएई के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘ईरान से देश के विभिन्न क्षेत्रों की ओर दागी गई चार क्रूज मिसाइलों का पता चला. इनमें से तीन को देश की समुद्री सीमा के भीतर सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया, जबकि एक समुद्र में गिर गई. रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि देश के विभिन्न हिस्सों में सुनाई देने वाली आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम की ओर से मिसाइल तबाह करने के कारण हुईं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चले संघर्ष के दौरान UAE सबसे ज्यादा निशाने पर रहा है. बताया जा रहा है कि 28 फरवरी से लेकर 8 अप्रैल तक के संघर्ष में ईरान ने UAE पर 2,800 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइल दागे. हालांकि बाद में युद्धविराम लागू हुआ, लेकिन अब फिर से हमले शुरू होने से चिंता बढ़ गई है. इससे पहले सोमवार को UAE ने आरोप लगाया था कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ADNOC के एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला किया था. इस घटना के बाद UAE ने इसे ‘समुद्री डकैती’ जैसा कदम बताते हुए कड़ी निंदा की थी. इसी बीच अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को सुरक्षित निकालने के मिशन पर काम कर रहा है. CENTCOM के तहत अमेरिकी सेना व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने में जुटी हुई है।
