- 👉 पुरानी शराब पड़ी रही, 2.42 लाख नई पेटियां मंगवा ली गईं सहायक उत्पाद आयुक्त जांच के घेरे में, उच्च स्तरीय कमेटी गठित
धनबाद : कोयलांचल में शराब सिंडिकेट और उत्पाद विभाग की कथित मिलीभगत का बड़ा मामला सामने आया है। धनबाद जिले के सरकारी गोदामों और खुदरा दुकानों में वर्ष 2022 का करोड़ों रुपये मूल्य का शराब स्टॉक लंबे समय से डंप पड़ा है, लेकिन उसे बेचने के बजाय विभागीय अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए करीब 2.42 लाख नई पेटियों की मांग कर दी। इस गंभीर वित्तीय अनियमितता और मुख्यालय के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना को देखते हुए धनबाद उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाया है। पूरे मामले की जांच के लिए अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है।

👉 करोड़ों का स्टॉक गोदामों में हो रहा खराब
मुख्यालय स्तर से हुई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जिले की खुदरा शराब दुकानों में 33,163 पेटियां और डिपो में 23,535 पेटियां शराब अब भी स्टॉक में मौजूद हैं। यह पूरा स्टॉक वर्ष 2022 का है, जिसे नियमों के तहत सबसे पहले बिक्री के लिए निकाला जाना चाहिए था।
आरोप है कि अधिकारियों ने जानबूझकर इस पुराने स्टॉक को बाजार में उतारने के बजाय गोदामों में सड़ने के लिए छोड़ दिया। इतना ही नहीं, नए दुकानदारों को यह स्टॉक हैंडओवर भी नहीं किया गया और इसके बावजूद वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 2,42,979 नए कार्टन की डिमांड भेज दी गई। इसे सीधे तौर पर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने का मामला माना जा रहा है।
👉 उपकरण भी हो रहे कबाड़
शराब दुकानों और गोदामों में रखे डीप फ्रीजर समेत अन्य कीमती उपकरण रखरखाव के अभाव में कबाड़ होते जा रहे हैं। इनकी अब तक नीलामी भी नहीं की गई है, जबकि मुख्यालय स्तर से समय-समय पर स्टॉक मॉनिटरिंग और इंटर शॉप ट्रांसफर के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। आरोप है कि धनबाद उत्पाद कार्यालय ने इन आदेशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
👉 जांच टीम में ये अधिकारी शामिल
उपायुक्त द्वारा गठित जांच टीम में अपर समाहर्ता, उत्पाद निरीक्षक (सदर), उत्पाद निरीक्षक (झरिया/कतरास) और जेएसबीसीएल के डिपो प्रबंधक को शामिल किया गया है। टीम हर बोतल और हर पेटी का मिलान करेगी और यह पता लगाएगी कि पुराने स्टॉक को जानबूझकर क्यों रोका गया।
प्रारंभिक जांच में तीन दुकानों के निरीक्षण के दौरान सहायक उत्पाद आयुक्त द्वारा नियमों के घोर उल्लंघन के संकेत मिले हैं। वर्ष 2022 के उपलब्ध स्टॉक को बेचने का कोई प्रयास नहीं किया गया, जिससे पूरे मामले ने अब बड़ा प्रशासनिक और वित्तीय घोटाले का रूप ले लिया है।
