DHANBAD : बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के पीछे भेलाटांड़ मौजा में चार एकड़ दस डिसमिल जमीन की फर्जी डीड बनाकर बेचनेवाले राजीव रंजन उर्फ रवि यादव और पावर ऑफ अटर्नी देनेवाले अमरचंद्र गोराईं और बलराम गोराईं के खिलाफ बरवाअड्डा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। गोविंदपुर सीओ धर्मेंद्र दुबे ने बरवाअड्डा में एफआईआर दर्ज कराई है।

गोविंदपुर अंचल के मौजा भेलाटाड़ मौजा नंबर 89 खाता 271 प्लॉट संख्या 220 रकवा 4 एकड़ 10 डिसमिल गैर आबाद जमीन की फर्जी खरीद-बिक्री के मामले में गोविंदपुर सीओ ने बरवाअड्डा थाना में आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कराई। अमरचंद्र गोराईं, भूखंड का निबंधित पावर ऑफ अटर्नी देनेवाले बलराम गोराईं एवं पावर ऑफ अटर्नी होल्डर राजीव रंजन उर्फ रवि यादव के खिलाफ सरकारी गैर-आबाद जमीन का जाली दस्तावेज बनाकर जमीन खरीद-बिक्री करने के लिए एफआईआर दर्ज कराई गई। थाने में दिए आवेदन में सीओ ने कहा है कि गोविंदपुर अंचल अंतर्गत मौजा भेलाटांड़ मौजा नंबर 89 हाल सर्वे खाता संख्या 271 रकवा 4 एकड़ 10 डिसमिल जो गैर-आबाद खाते की जमीन है। उन्होंने कहा है कि धनबाद बंदोबस्त कार्यालय धनबाद से उक्त खाता 271 प्लॉट 220 रकवा 4 एकड़ 10 डिसमिल जमीन की जांच प्रतिवेदन मांगा गया थी, जिससे प्राप्त प्रतिवेदन में मौजा नंबर 89 में कुल हाल खाता 272 है तथा हाल खतियान में खाता संख्या 273 दर्ज नहीं है। आवेदन के आधार पर बरवाअड्डा थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है।
भू-स्वामित्व सर्टिफिकेट देने वाले अधिकारियों की फंसेगी गर्दन
डीसी के आदेश के बाद भू माफियाओं पर एफआईआर तो दर्ज हो गई। अब अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी है। अपर समाहर्ता विनोद कुमार ने गोविंदपुर सीओ को तीन दिनों के अंदर दाखिल खारिज, जमाबंदी और भू स्वामित्व प्रमाणपत्र निर्गत करनेवाले अधिकारियों और कर्मियों को चिह्नित करते हुए रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में पूर्व अवर निबंधक समेत कई लोगों की गर्दन फंसनी तय है।
राजस्व विभाग के अधिकारी लगा रहे रांची की दौड़
दस करोड़ रुपए की सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री मामले को मैनेज करने के लिए राजस्व विभाग के एक अधिकारी रांची की दौड़ लगा रहे हैं। चर्चा है कि फर्जी डीड बनाने वाले आरोपी के साथ ही उसकी गाड़ी से वह अधिकारी रांची गए थे। एक बड़े नेता के पास पहुंचकर मामले को मैनेज करने का प्रयास किया गया ऐसा हो नहीं पाया।
