पलामू : देश में बाल विवाह के खिलाफ जारी सख्त अभियानों के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की एक संयुक्त टीम, जो नाबालिग लड़कियों का विवाह रुकवाने पहुंची थी, पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हंगामे का फायदा उठाकर परिजन और ग्रामीण नाबालिग लड़कियों को लेकर मौके से फरार हो गए।



घटना का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि पलामू में चोरी-छिपे दो नाबालिग लड़कियों का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही तहसीलदार, बाल संरक्षण इकाई (Child Line) और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।
जैसे ही टीम ने विवाह की रस्में रुकवाने की कोशिश की और लड़कियों की उम्र से संबंधित दस्तावेज मांगे, वहां मौजूद भीड़ उग्र हो गई। ग्रामीणों ने टीम को चारों तरफ से घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।
भीड़ ने लड़कियों को छुड़ाया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब पुलिस टीम लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू करने की कोशिश कर रही थी, तब सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस घेरा तोड़ दिया। भीड़ के बीच से कुछ लोग दोनों नाबालिग लड़कियों को जबरन अपने साथ खींच ले गए और अंधेरे का फायदा उठाकर गायब हो गए।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने घटना को बेहद गंभीरता से लिया है।
- FIR दर्ज: सरकारी कार्य में बाधा डालने, प्रशासनिक टीम पर हमला करने और बाल विवाह अधिनियम के तहत दर्जनों ग्रामीणों पर मामला दर्ज किया गया है।
- तलाशी अभियान: फरार लड़कियों और उनके परिजनों की तलाश में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
- चेतावनी: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह में शामिल किसी भी व्यक्ति, चाहे वह पंडित हो, टेंट वाला हो या अतिथि, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
- अधिकारी का बयान: “यह कानून का सीधा उल्लंघन है। हम न केवल उन लड़कियों को सुरक्षित वापस लाएंगे, बल्कि हमलावरों को ऐसी सजा दिलाएंगे जो दूसरों के लिए मिसाल बनेगी।”



