चांडिल : अंतरराष्ट्रीय हिंदी फिल्म “द गार्डन” की शूटिंग उत्तर प्रदेश के अमेठी और लखनऊ में आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। इस फिल्म में झारखंड के कलाकारों की अहम भागीदारी देखने को मिल रही है, जो एक क्रॉस-बॉर्डर प्रोडक्शन में केंद्र में हैं। नेपाली रचनात्मक टीम और भारतीय स्थानीय प्रतिभाओं के इस संगम ने फिल्म को पहले ही चर्चा में ला दिया है, खासकर इसके मजबूत सामाजिक संदेश और वैश्विक रिलीज़ की योजना को लेकर।

इस फिल्म का निर्देशन और लेखन जगदीश्वर थापा ने किया है। निर्माता हैं राजेंद्र तिवारी और कल्पना थापा, जबकि नवराज घिमिरे कार्यकारी निर्माता हैं और सिनेमेटोग्राफी की जिम्मेदारी कृष्ण श्रेष्ठ संभाल रहे हैं। थापा नेपाल के जाने-माने फिल्म निर्माता हैं और नेपाल फिल्म विकास बोर्ड के सदस्य भी हैं। वे अपनी रचनात्मक कहानी कहने की शैली के लिए प्रसिद्ध हैं और नेपाली सिनेमा में उनकी कई उल्लेखनीय फिल्में रही हैं, जैसे राधे, फुलाई फुलको मौसम तिमिलाई (2016) और रुद्र (2017)। यह फिल्म उनके लिए एक महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय हिंदी प्रोजेक्ट है, जो नेपाल और भारत के बीच एक सेतु का काम कर रही है।
फिल्म की कहानी समाज को एक गहरा संदेश देती है—हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल मिलता है और प्रकृति का न्याय हमेशा अटल और निष्पक्ष होता है। शुरुआत में इस फिल्म की योजना झारखंड के सरायकेला और जमशेदपुर में बनने वाली थी, जिसके बाद इसकी शूटिंग अमेठी और लखनऊ में की जा रही है। फिल्म को कई देशों में प्रदर्शित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य कलाकारों में नेपाली सुपरस्टार प्रमोद अग्रहरी प्रमुख भूमिका में हैं। उनके साथ दीपक कोइराला (बॉलीवुड अभिनेत्री मनीषा कोइराला के परिवार से), विवेक सिंह ठाकुरी, मुख्य अभिनेत्री नीना, राजेंद्र तिवारी, रूपा मानधर और अनुजा सिंह नजर आएंगे। झारखंड की प्रतिभा भी इसमें दमदार तरीके से उभरकर सामने आ रही है। झारखण्ड के जिला सरायकेला-खरसावां के अमित मोदक फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जबकि चिलगु गांव के दिनबंधु पांडा (दीना पांडा) सह-निर्देशक के रूप में जुड़े हुए हैं।
मोदक और पांडा पहले भी कई प्रोजेक्ट्स में साथ काम कर चुके हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना पा चुके हैं। हाल ही में अमित मोदक को झारखंड सरकार द्वारा खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया था। इनकी भागीदारी को कोल्हान क्षेत्र और पूरे राज्य के लिए गर्व की बात माना जा रहा है।
स्थानीय हिंदी अखबारों में प्रकाशित खबरों और तस्वीरों में सरायकेला के सेट पर कलाकारों और तकनीकी टीम की सामूहिक तस्वीरें देखने को मिलीं, जो नेपाली और झारखंडी कलाकारों के बीच सहयोग की भावना को दर्शाती हैं।
एक विशेष संबोधन में निर्देशक जगदीश्वर थापा ने झारखंड और लखनऊ में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और अपने आगामी प्रोजेक्ट की झलक भी दी।
उन्होंने कहा, “यह फिल्म हमारे उस सफर की शुरुआत है, जिसमें हम क्षेत्रीय कहानियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाना चाहते हैं। मैं जल्द ही अपने अगले प्रोजेक्ट की घोषणा करूंगा, जिसकी शूटिंग झारखंड या ओडिशा में होगी और यह एक आदिवासी महानायक की कथा पर आधारित होगी। हम झारखंड और ओडिशा के महान नायकों की प्रेरणादायक कहानियों को बायोपिक के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं। इसके लिए राज्य सरकारों से सहयोग की अपेक्षा है, ताकि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।”
थापा का यह दृष्टिकोण कोल्हान के कलाकारों की उस मांग से भी मेल खाता है, जिसमें झारखंड के आदिवासी नायकों पर अधिक बायोपिक बनाने की बात कही गई है, ताकि राज्य की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हो सके।
“द गार्डन” की शूटिंग जारी है और साथ ही निर्देशक के नए प्रोजेक्ट की तैयारी भी, जिससे झारखंड और ओडिशा के सिनेमा जगत को एक नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। यह फिल्म इस साल के अंत तक रिलीज़ होने की संभावना है, जिसमें दर्शकों को भावनात्मक कहानी, सामाजिक संदेश और भारत-नेपाल के खूबसूरत लोकेशनों का शानदार मिश्रण देखने को मिलेगा।
