जमशेदपुर : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कदमा स्थित गणेश पूजा मैदान में गुरुजी विचार मंच की ओर से एक गरिमामय महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रभावशाली और प्रतिभाशाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जुगसलाई नगर परिषद की अध्यक्ष नौशीन खान को विशेष रूप से सम्मानित किया गया और सामाजिक तथा जनसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान संस्था के संस्थापक पवन सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता बबन राय और सुमन महतो ने नौशीन खान सहित कई महिलाओं को शॉल, मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर उनके कार्यों की सराहना की। समारोह में मानगो की पूर्व मेयर प्रत्याशी सहित अन्य सक्रिय और प्रेरणादायी महिलाओं को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के बल पर एक अलग पहचान बनाई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज की महिलाएं न केवल पारिवारिक जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं, बल्कि राजनीति, सामाजिक सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में भी अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं।
समाज के विकास और सुदृढ़ता में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें सशक्त बनाना समय की प्रमुख आवश्यकता है। इस अवसर पर जुगसलाई नगर परिषद की अध्यक्ष नौशीन खान ने सम्मान प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि सभी महिलाओं के संघर्ष और योगदान की स्वीकृति है।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपनी मेहनत तथा प्रतिभा से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। नौशीन खान ने आगे कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम महिलाओं के उत्साह को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने संस्था के आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को सम्मान और अवसर प्रदान करके ही एक मजबूत और विकसित समाज का निर्माण किया जा सकता है।
समारोह में बड़ी संख्या में महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने महिलाओं की उपलब्धियों पर खुशी व्यक्त करते हुए ऐसे कार्यक्रमों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के इस अवसर पर महिलाओं के अधिकारों, उनकी स्वायत्तता और समाज में उनकी बढ़ती भूमिका को उजागर करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
