जमशेदपुर। श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर टुईलाडुंगरी स्थित श्री श्री शीतला माता मंदिर श्रद्धा, भक्ति और शिवमय वातावरण से गूंज उठा। महिला समिति के तत्वावधान एवं अध्यक्ष श्रीमती इंद्रा साहू के नेतृत्व में भव्य कलश यात्रा, रुद्राभिषेक, महाआरती और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः भव्य कलश यात्रा से हुई। श्रद्धालु मंदिर परिसर से स्वर्णरेखा घाट पहुंचे, जहां से पवित्र जल लेकर पुनः मंदिर पहुंचे। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया। पूजा-अर्चना के उपरांत महाआरती और प्रसाद वितरण हुआ। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान रहा. इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष सह भाजपा नेता दिनेश कुमार ने कहा कि श्रावण मास भारतीय सनातन संस्कृति में आस्था, तप, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। भगवान भोलेनाथ की आराधना से जीवन में सकारात्मकता, आत्मबल और लोककल्याण की भावना का संचार होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन सामाजिक समरसता, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाली महिला समिति, मंदिर पदाधिकारियों एवं सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मंदिर समिति के महासचिव गिरधारी साहू, उपाध्यक्ष परमानंद कौशल, महावीर प्रसाद, त्रिवेणी कुमार, बी. श्रीनिवास राव, जितेंद्र साहू सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। महिला समिति की ओर से जमुना निषाद, हेमा साहू, मंजू ठाकुर, मंजू साहू, मनोरमा देवी, चांदनी साहू, द्रौपदी देवी, पार्वती साहू, प्रीति, फुलेश्वरी साहू, सोनी साहू, पूनम देवी, बेला देवी, सुमन निषाद, प्राची निषाद, पिंकी साहू, कमला निषाद, गौरी देवी, पिंकी कुमारी एवं फूलों देवी ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई. इसके अलावा रोशन साहू, सौरव साहू, विजय मानिकपुरी, धर्मेंद्र साहू, मोतीलाल साहू, गंगाराम साहू, प्रकाश राव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मंदिर समिति के सदस्य और स्थानीय बस्तीवासी उपस्थित रहे. श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस आयोजन ने पूरे टुईलाडुंगरी क्षेत्र को शिवमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ एवं माँ शीतला से सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए श्रावण के प्रथम सोमवार का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
