जमशेदपुर। मानगो क्षेत्र में विधायक निधि से कराए जा रहे सामुदायिक शौचालय के जीर्णोद्धार कार्य में घटिया निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर संवेदक द्वारा रातों-रात लगाए गए टाइल्स को उखाड़ दिए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, नगर विकास विभाग द्वारा वर्ष 2016 में मानगो वर्कर्स कॉलेज के पास सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। समय के साथ शौचालय की स्थिति जर्जर हो गई थी, जिसके बाद इसके जीर्णोद्धार के लिए विधायक निधि से योजना लाई गई। इस योजना का क्रियान्वयन मानगो नगर निगम द्वारा किया जा रहा है।



स्थानीय लोगों का आरोप है कि जीर्णोद्धार कार्य के दौरान बिना प्लास्टर हटाए ही निम्न गुणवत्ता के नॉन-ब्रांडेड टाइल्स लगाए जा रहे थे। मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह ने कनीय अभियंता, सहायक अभियंता, नगर आयुक्त एवं उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को अवगत कराते हुए प्राक्कलन के अनुसार गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने की मांग की।बताया जाता है कि कनीय अभियंता सुबोध प्रसाद ने स्वीकार किया कि फाइल में उनका नाम है, लेकिन संवेदक विधायक का कार्यकर्ता होने के कारण वे सख्ती नहीं बरत पा रहे हैं। मामला जब उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचा और संज्ञान लिया गया, तो संवेदक ने काम बंद कर दिया और कथित रूप से रातों-रात घटिया टाइल्स को उखाड़ना शुरू कर दिया।
हालांकि, पिछले करीब एक महीने से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। इधर, सरकारी रिकॉर्ड में पूर्वी सिंहभूम को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) जिला घोषित किया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि उक्त सामुदायिक शौचालय बंद पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।विकास सिंह ने उपायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा कराया जाए।
